पुणे के सैन्य समुदाय में सदर्न स्टार आर्मी विमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) द्वारा आयोजित ‘अस्मिता–दक्षिणी कथन 2025’ ने आर्मी वाइव्स के साहस, संघर्ष और संकल्प को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन महिलाओं की आवाज़ को मंच देना है जो सेना की ड्यूटी के साथ आने वाली चुनौतियों को चुपचाप लेकिन मजबूती से संभालते हुए सैनिकों का मनोबल बढ़ाती हैं।
इस वर्ष के आयोजन में आठ आर्मी वाइव्स ने मंच से अपने जीवन के अनुभव साझा किए। बार-बार तबादलों के बीच नई पहचान गढ़ने, दूर तैनाती के दौरान परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने जैसी बातें उनकी कहानियों के केंद्र में रहीं। इन कथाओं ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया और दिखाया कि सेना की मजबूती के पीछे एक सशक्त परिवार की अहम भूमिका होती है।
कार्यक्रम में पद्मश्री और खेल रत्न सम्मानित पैरा-एथलीट डॉ. दीपा मलिक, तथा मित्ती कैफ़े की संस्थापक अलीना आलम विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। दोनों ने प्रेरणा, समावेशन और साहस पर अपने विचार व्यक्त किए। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और प्रभाव को और बढ़ा दिया। वरिष्ठ वेटरन लेडीज़ और कई सम्मानित नागरिक भी समारोह में शामिल हुए।
एडब्लूडब्ल्यूए की रीजनल प्रेसिडेंट कोमल सेठ ने कहा कि अस्मिता केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सामुदायिक समर्थन को बढ़ावा देने वाला आंदोलन है। उन्होंने कहा कि AWWA लगातार फोर्सेज़ परिवारों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का समापन प्रेरणा और गर्व की अनुभूति के साथ हुआ। ‘अस्मिता–दक्षिणी कथन 2025’ ने एक बार फिर साबित किया कि हर सैनिक की दृढ़ता के पीछे उसकी पत्नी का अटूट साहस और समर्थन खड़ा होता है, जो भारतीय सेना के परिवारों को विशिष्ट और मजबूत बनाता है।
