वसई: क्राइम ब्रांच यूनिट–2 की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नालासोपारा (पूर्व) में नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री पर बड़ी छापेमारी कर करीब 12 लाख रुपये का माल बरामद किया है। यह कार्रवाई मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाले तुळींज पुलिस स्टेशन क्षेत्र में ठाकुर चाल, साईधाम ठाकुर नगर, बावशेतपाडा और संतोष भवन इलाके में की गई।
पुलिस को सूचना मिली थी कि धर्मराज बाबूलाल निसाद (55) नामक व्यक्ति दीव–दमण–गोवा क्षेत्र से सस्ती शराब लाकर उसमें रासायनिक पदार्थ मिलाकर नामी कंपनियों के लेबल वाली बोतलों में पैक कर महंगे दामों पर बाजार में सप्लाई कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने जाल बिछाकर एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में तैयार नकली शराब, खाली बोतलें, ढक्कन और रासायनिक मिश्रण बरामद हुआ। जब्त की गई शराब में प्रीमियम व्हिस्की की 90 बोतलें, डॉक्टर डैन चॉइस माल्ट व्हिस्की की 144 बोतलें, रॉयल्स इम्पैक्ट व्हिस्की की 24 बोतलें, मैकडॉवेल्स नंबर 1 की 60 बोतलें और इम्पीरियल ब्लू की 50 बोतलें शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने विभिन्न कंपनियों की 10 गोनियां खाली बोतलें, मैकडॉवेल्स नंबर 1 के 500 ढक्कन, इम्पीरियल ब्लू के 600 ढक्कन और शराब में मिलाने के लिए रखा गया 200 मिलीलीटर रासायनिक मिश्रण भी जब्त किया है। इन सभी सामग्रियों की कुल कीमत लगभग 12 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था और नकली शराब को स्थानीय बाजार में सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमा रहा था। नकली शराब से लोगों की जान को भी गंभीर खतरा बना हुआ था, क्योंकि इसमें मिलाए जाने वाले रासायनिक तत्व स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक होते हैं।
इस मामले में तुळींज पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच तेज़ी से की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा नकली शराब की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी।
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से नकली शराब के कारोबार में सक्रिय माफियाओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
