पहली बार मुख्यमंत्री फड़णवीस ने पेश किया बजट, 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का रखा लक्ष्य

महाराष्ट्र बजट 2026-27: किसानों को दो लाख तक कर्ज माफी, ‘लाडकी बहिन’ योजना जारी


मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने किसानों, महिलाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। खास बात यह रही कि फड़नवीस राज्य के ऐसे पहले मुख्यमंत्री बने जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए खुद बजट प्रस्तुत किया। बजट भाषण के दौरान सदन में भावुक माहौल भी देखने को मिला, क्योंकि फड़नवीस ने अपने संबोधन की शुरुआत दिवंगत नेता और पूर्व वित्त मंत्री अजित पवार को श्रद्धांजलि देकर की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार किसानों को बड़ी राहत देते हुए 30 सितंबर 2025 तक बकाया फसली ऋण में दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी करेगी। यह योजना ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना’ के नाम से लागू की जाएगी। इसके अलावा जो किसान नियमित रूप से अपने ऋण का भुगतान करते रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहन के रूप में राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

बजट भाषण में फड़नवीस ने कहा कि महाराष्ट्र देश की आर्थिक ताकत है और आने वाले वर्षों में इसे और सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने लक्ष्य तय किया कि वर्ष 2047 तक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे का विस्तार और कृषि क्षेत्र को मजबूती देकर यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ को भी जारी रखने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किया गया है ताकि राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलती रहे और उनका सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जिन गांवों की आबादी एक हजार या उससे अधिक है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से कंक्रीट की सड़कों से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और विकास की रफ्तार तेज होगी।

पर्यावरण और यातायात सुधार को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पुराने वाहनों को हटाने की दिशा में भी कदम उठाने की घोषणा की है। बजट में पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने वाले वाहन मालिकों को मोटर वाहन कर में विशेष छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले कुछ पुराने निजी वाहनों पर पर्यावरण कर बढ़ाने की योजना भी सामने रखी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य राज्य में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना, ईंधन की खपत कम करना और आधुनिक तथा पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देना है। साथ ही यह नीति पुराने वाहनों को हटाकर परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में भी मदद करेगी।

बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने दिवंगत नेता अजित पवार को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी स्मृति में एक उपयुक्त स्मारक का निर्माण करेगी। जनवरी में विमान दुर्घटना में उनके निधन के बाद से वित्त विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री फड़नवीस के पास ही है।

कुल मिलाकर यह बजट किसानों को राहत, महिलाओं के सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर केंद्रित माना जा रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि इन घोषणाओं से महाराष्ट्र के विकास को नई गति मिलेगी।

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