
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में गुरुवार देर शाम दो परिवारों के बीच पुराना विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। देहात कोतवाली क्षेत्र के जनऊपुर गांव में हुई इस घटना में फायरिंग और मारपीट के दौरान दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
जानकारी के अनुसार जनऊपुर गांव में होमगार्ड जवान वीरेंद्र सोनकर के परिवार और रमेश सोनकर के परिवार के बीच बच्चों के आपसी झगड़े को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान एक पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब पांच राउंड गोलियां चलीं, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
फायरिंग में होमगार्ड वीरेंद्र सोनकर और उनके दो बेटे मोहित सोनकर तथा मंगल सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान मोहित सोनकर ने दम तोड़ दिया। दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के रमेश सोनकर भी संघर्ष में बुरी तरह घायल हो गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में जगदीशपुर के पास उनकी भी मौत हो गई।
इस घटना में दोनों पक्षों के कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का इलाज जिला अस्पताल और आसपास के मेडिकल केंद्रों में चल रहा है। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
मामले में वीरेंद्र सोनकर के परिवार की ओर से कई लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस वारदात में हिस्ट्रीशीटर दीपक सोनकर की भी भूमिका सामने आई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी दीपक सोनकर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। बताया गया कि जब पुलिस उसे वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए ले जा रही थी, तभी उसने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें दीपक सोनकर के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दीपक सोनकर क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ करीब दस आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।