एक साल में 10 प्रतिशत बढ़े अवैध यात्री, जांच अभियानों को और तेज करने की तैयारी
मुंबई। Central Railway ने बिना टिकट यात्रा करने वालों पर शिकंजा कसते हुए वित्तीय वर्ष 2025–26 में रिकॉर्ड कार्रवाई की है। रेलवे प्रशासन द्वारा चलाए गए व्यापक टिकट जांच अभियानों के दौरान करीब 38 लाख बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा गया और उनसे 227 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। पिछले वर्ष की तुलना में बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बिना टिकट यात्रा पर सख्ती से रोक लगाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर नियमित और विशेष जांच अभियान आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अवैध यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
बहुआयामी रणनीति से चल रहा अभियान
मध्य रेलवे ने बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है। इसके तहत स्टेशन जांच, ट्रैप चेकिंग, अचानक छापेमारी (एंबुश चेकिंग), किलेबंदी जांच (फोर्ट्रेस चेक), व्यापक निरीक्षण और मेगा टिकट जांच अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
ये अभियान केवल लंबी दूरी की ट्रेनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सभी डिवीजनों की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों, विशेष ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे मंडल की उपनगरीय लोकल ट्रेनों में भी व्यापक रूप से चलाए जा रहे हैं। रेलवे का कहना है कि इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करना और बिना टिकट यात्रा की प्रवृत्ति को कम करना है।
37.99 लाख यात्री पकड़े गए
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक के वित्तीय वर्ष में विशेष टिकट जांच टीमों ने बिना टिकट या अवैध तरीके से यात्रा करने वाले 37.99 लाख यात्रियों को पकड़ा।
पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह संख्या 34.60 लाख थी। इस तरह एक वर्ष में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या बढ़ने और उपनगरीय ट्रेनों में भीड़ के कारण बिना टिकट यात्रा के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
227 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली
इस अवधि के दौरान बिना टिकट यात्रियों से कुल 227.03 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक है। वर्ष 2024–25 की समान अवधि में यह वसूली 185.62 करोड़ रुपये थी।
इस प्रकार एक वर्ष में जुर्माना वसूली में लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सख्त जांच और निरंतर अभियान का परिणाम है।
फरवरी में भी सख्ती जारी
फरवरी 2026 में भी मध्य रेलवे की टिकट जांच टीमों ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। इस दौरान 3.65 लाख बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा गया।
तुलनात्मक रूप से फरवरी 2025 में 3.32 लाख यात्रियों को पकड़ा गया था। यानी केवल एक वर्ष में फरवरी महीने में ही लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जुर्माने की वसूली के मामले में भी फरवरी 2026 में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। इस महीने बिना टिकट यात्रियों से 23.27 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि फरवरी 2025 में यह राशि 18 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार जुर्माना वसूली में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
यात्रियों से नियमों का पालन करने की अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना टिकट यात्रा करने से बचें और यात्रा से पहले वैध टिकट या पास अवश्य लें। अधिकारियों का कहना है कि बिना टिकट यात्रा न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे रेलवे की व्यवस्था और अन्य यात्रियों की सुविधा भी प्रभावित होती है।
रेलवे ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में टिकट जांच अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि अवैध यात्रा पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके और यात्रियों को बेहतर व सुरक्षित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।