Home ताजा खबरमिल श्रमिकों को बड़ी राहत, पनवेल में 7 हजार घरों की तैयारी …उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बैठक में बड़ा फैसला, लॉटरी प्रणाली से होगा आवंटन

मिल श्रमिकों को बड़ी राहत, पनवेल में 7 हजार घरों की तैयारी …उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बैठक में बड़ा फैसला, लॉटरी प्रणाली से होगा आवंटन

by trilokvivechana
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मुंबई। टेक्सटाइल मिल श्रमिकों के लंबे समय से लंबित आवासीय मुद्दों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुंबई के विधान भवन में उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में श्रमिकों को घर उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि टेक्सटाइल मिल श्रमिकों को मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि वर्षों से घर की प्रतीक्षा कर रहे श्रमिक परिवारों को जल्द राहत मिले और उन्हें स्थायी आवास का अधिकार मिल सके।

पनवेल में 7 हजार घरों की योजना

पनवेल क्षेत्र में Mumbai Metropolitan Region Development Authority (एमएमआरडीए) द्वारा तैयार किए गए लगभग 7,000 घरों का पहले तात्कालिक सर्वेक्षण और आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी। इसके बाद इन घरों को लॉटरी प्रणाली के माध्यम से टेक्सटाइल मिल श्रमिकों को आवंटित किया जाएगा।

सरकार ने यह भी फैसला किया है कि पनवेल में पहले से रहने वाले श्रमिकों को दी जा रही मेंटेनेंस शुल्क में छूट को तीन वर्ष तक और बढ़ाया जाएगा, जिससे श्रमिक परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

एनटीसी जमीन की होगी पहचान

बैठक में यह भी तय किया गया कि मुंबई में National Textile Corporation (एनटीसी) के कब्जे में मौजूद जमीनों की पहचान की जाएगी। इसके बाद श्रमिकों के हित को ध्यान में रखते हुए इन जमीनों के पुनर्विकास का प्रस्ताव केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्रालय को भेजा जाएगा।

खटाऊ और सेंच्युरी मिल परियोजनाओं में प्राथमिकता

सरकार ने यह भी घोषणा की कि खटाऊ और सेंच्युरी मिल की जमीनों पर विकसित होने वाले आवासीय प्रकल्पों में टेक्सटाइल मिल श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं स्वदेशी मिल से जुड़े मामले में राज्य सरकार और Maharashtra Housing and Area Development Authority (म्हाडा) अदालत में हस्तक्षेप करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं भी प्रस्ताव पेश करेंगे।

ठाणे, उरण और मीरा-भाईंदर में नए प्रकल्प

सरकार एमएमआर क्षेत्र में ठाणे, उरण और मीरा-भाईंदर जैसे इलाकों में बड़े आवासीय प्रकल्प विकसित करने की योजना बना रही है। शेलू-वांगणी मॉडल की तर्ज पर तैयार होने वाले इन प्रकल्पों से हजारों श्रमिक परिवारों को घर मिलने की संभावना है।

टेक्सटाइल म्यूजियम और आवास नीति

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुंबई में प्रस्तावित टेक्सटाइल म्यूजियम को 18 एकड़ से कम क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जबकि शेष जमीन का उपयोग मिल श्रमिकों के लिए आवास निर्माण में किया जाएगा। भविष्य में म्हाडा की हाउसिंग योजनाओं में भी श्रमिकों को प्राथमिकता देने की नीति अपनाई जाएगी।

बैठक में राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न मिल श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। अधिकारियों का कहना है कि इन फैसलों से हजारों टेक्सटाइल मिल श्रमिकों को राहत मिलेगी और उनकी वर्षों पुरानी आवासीय समस्या के समाधान की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से न केवल श्रमिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में आवासीय विकास को भी संतुलित दिशा मिलेगी।

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