बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज सोमवार को आस्था की नगरी वाराणसी पहुंचीं, जहां उन्होंने पवित्र गंगा नदी में अपनी माता की अस्थियों का विधि-विधान से विसर्जन कर अंतिम संस्कार की परंपरा पूरी की। इस दौरान अभिनेत्री बेहद भावुक नजर आईं और पूरे समय श्रद्धा और शांति के माहौल में धार्मिक विधियां संपन्न करती रहीं।
वाराणसी पहुंचने के बाद जैकलीन एक होटल में ठहरीं और फिर सीधे गंगा घाट की ओर रवाना हुईं। घाट पर पहुंचकर उन्होंने आम श्रद्धालुओं की तरह पूजा-पाठ की तैयारी की। किसी विशेष व्यवस्था से दूर रहते हुए उन्होंने पूरी आस्था के साथ धार्मिक परंपराओं का पालन किया।
अस्थि विसर्जन के लिए जैकलीन नाव से गंगा की मध्य धारा तक पहुंचीं। वहां से सामने स्थित प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर की दिशा में मुख कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने अपनी माता की अस्थियों को गंगा में समर्पित किया। यह पूरी धार्मिक प्रक्रिया वाराणसी के आचार्य विकास पांडेय के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। मंत्रोच्चार, प्रार्थना और शांति पाठ के बीच यह क्षण बेहद भावुक और आध्यात्मिक वातावरण से भरा रहा।
अस्थि विसर्जन के बाद जैकलीन कुछ समय तक गंगा तट पर मौन बैठीं और अपनी माता को याद कर भावुक होती दिखाई दीं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और काशी की आध्यात्मिक महिमा के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। हालांकि उन्होंने मीडिया से अधिक बातचीत नहीं की और धार्मिक अनुष्ठान पूरा होने के बाद शांतिपूर्वक शहर से लौट गईं।
श्रीलंकाई मूल की अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज लंबे समय से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त करती रही हैं। काशी में अपनी माता की अस्थियों का विसर्जन कर उन्होंने भारतीय अंतिम संस्कार परंपरा का पालन करते हुए उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की।
गौरतलब है कि काशी को सनातन परंपरा में मोक्ष की नगरी माना जाता है और यहां पवित्र गंगा में अस्थि विसर्जन को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। जैकलीन का यह निजी और भावनात्मक क्षण न केवल उनकी पारिवारिक संवेदनाओं को दर्शाता है, बल्कि भारतीय आस्था और परंपरा के प्रति उनके सम्मान को भी उजागर करता है।