वसई: नायगांव पूर्व के चिंचोटी इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। 30 वर्षीय युवक शिवकुमार गुल्लू गुप्ता की खदान में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह नहाने के लिए खदान में उतरा था, लेकिन पानी की गहराई का सही अंदाजा न लग पाने के कारण यह हादसा हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, शिवकुमार 2 अप्रैल की दोपहर खदान में नहाने गया था। कुछ समय तक जब वह बाहर नहीं निकला, तो आसपास मौजूद लोगों को संदेह हुआ। सूचना मिलते ही नायगांव पुलिस मौके पर पहुंची और वसई-विरार महानगरपालिका के अग्निशमन दल की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि लगातार दो दिनों तक चले अभियान के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके चलते तलाश अस्थायी रूप से रोक दी गई।
शनिवार दोपहर एक नया मोड़ तब आया, जब शिवकुमार का शव खदान के पानी की सतह पर तैरता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने तुरंत शव को बाहर निकालकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में नायगांव पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
यह घटना एक बार फिर वसई-विरार क्षेत्र में खदानों की खतरनाक स्थिति को उजागर करती है। यहां लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में डर और चिंता का माहौल है।
गौरतलब है कि हाल ही में भी खदानों में डूबने की कई घटनाएं सामने आई हैं। 4 मार्च 2026 को वसई पूर्व के राजवली इलाके में 15 वर्षीय आयान मनिहार की जान चली गई थी। उसी दिन विरार पूर्व के मांडवी क्षेत्र में खेलते समय एक 10 वर्षीय बच्चे की भी डूबने से मौत हो गई थी। वहीं 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन जोगेश्वरी से विरार आए विनायक सितप और उनकी 15 वर्षीय बेटी ईकांशा की भी खदान में डूबने से मौत हो गई थी।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि खदानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और ऐसे खतरनाक स्थलों पर रोकथाम के ठोस उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।