
मुंबई: अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के विरोध में मुंबई युवक कांग्रेस ने सोमवार को जोरदार “न्याय सत्याग्रह” आंदोलन किया। प्रेस क्लब के पास स्थित राजीव गांधी भवन में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। आंदोलन के दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए इसे किसान विरोधी करार दिया।
इस मौके पर वर्षा गायकवाड ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किया गया यह व्यापार समझौता देश के किसानों के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस करार के जरिए देश के स्वाभिमान को कमजोर किया है। उनके अनुसार, इस समझौते के चलते किसानों को उनके कृषि उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी आय पर गंभीर असर पड़ेगा।
गायकवाड ने कहा कि पहले से ही बेमौसम बारिश और बढ़ती लागत के कारण किसान संकट में हैं, ऐसे में यह नया समझौता उनकी मुश्किलें और बढ़ा देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां लगातार किसान विरोधी रही हैं और हाल के बजट में भी किसानों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई।
आंदोलन में विधायक अमीन पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने इस समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने बढ़ती महंगाई और गैस संकट का मुद्दा भी उठाया। गायकवाड ने कहा कि मुंबई में गैस की कमी के कारण छोटे होटल और व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं, जबकि आम लोगों को घरेलू गैस के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन ज्वलंत समस्याओं पर केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इस दौरान ज़ीनत शबरीन ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति ठहर गई है और विदेश नीति भी विफल साबित हो रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं और विद्यार्थियों के मुद्दों पर युवक कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी। युवक कांग्रेस ने घोषणा की कि यह सत्याग्रह आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा।