Home ताजा खबरअण्णा भाऊ साठे स्मारक परियोजना को रफ्तार, 332 करोड़ की मंजूरी; एसआरए योजनाओं में बड़े फैसले

अण्णा भाऊ साठे स्मारक परियोजना को रफ्तार, 332 करोड़ की मंजूरी; एसआरए योजनाओं में बड़े फैसले

by trilokvivechana
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मुंबई। राज्य सरकार ने घाटकोपर स्थित लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे अंतरराष्ट्रीय स्मारक को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए परियोजना को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 332.62 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है और अधिकारियों को निर्माण कार्य तेज करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही परियोजना से प्रभावित अपात्र झोपड़ीधारकों के पुनर्वास के लिए किराया-आधारित आवास योजना लागू करने का फैसला भी लिया गया है, जिससे उन्हें अस्थायी राहत मिल सकेगी।
यह अहम निर्णय झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) की 16वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने सह्याद्री अतिथि गृह में की। बैठक के दौरान एसआरए के विभिन्न विभागों का डिजिटल उद्घाटन किया गया और पुनर्वसन योजनाओं से संबंधित मार्गदर्शिका तथा वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी हुआ।
समीक्षा बैठक में एसआरए परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता जताई गई। इसके समाधान के लिए राज्य गृहनिर्माण नीति 2025 के तहत समूह पुनर्विकास योजना को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। इस योजना के अंतर्गत 50 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्र में समेकित विकास किया जाएगा, जिससे अनुमानतः 6 से 7 लाख झोपड़ीवासियों को पुनर्वास का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा माता रमाबाई आंबेडकर नगर और कामराज नगर की पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त 97 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे इन योजनाओं की कुल लागत बढ़कर 597 करोड़ रुपये हो गई है, जिससे कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने पुनर्वसन के लिए उपलब्ध आवासों की स्थिति का विस्तृत आकलन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने ‘नेत्रम’ डिजिटल निगरानी प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि सैटेलाइट आधारित इस तकनीक से अवैध अतिक्रमण पर प्रभावी नजर रखी जा सकती है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इस प्रणाली से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। प्राधिकरण में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने तथा अभियंताओं के समायोजन के साथ 30 प्रतिशत पदों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तंत्र विकसित करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी सेवाएं 24×7 ऑनलाइन उपलब्ध हों।

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