Home ताजा खबरतमिलनाडु में मौत का धमाका: पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 23 मजदूरों की दर्दनाक मौत

तमिलनाडु में मौत का धमाका: पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 23 मजदूरों की दर्दनाक मौत

by trilokvivechana
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विरुधुनगर | तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। कत्तनारपट्टी इलाके में स्थित इस फैक्ट्री में हुए दो बड़े धमाकों में कम से कम 23 मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें 16 महिलाएं भी शामिल हैं। कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दूर-दूर तक धुएं का गुबार देखा गया।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय फैक्ट्री में करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हुए विस्फोट के बाद फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए। इसके बाद लगी भीषण आग ने स्थिति को और भयावह बना दिया और देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई।
राहत और बचाव कार्य के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस और बचाव दल ने अब तक 19 शव बरामद किए हैं, जबकि आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। कई मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस दर्दनाक हादसे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा करने के संकेत भी दिए हैं।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब राज्य में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इससे एक दिन पहले ही वालपराई में एक टूरिस्ट वैन के खाई में गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। लगातार दूसरे दिन हुई इस बड़ी दुर्घटना ने प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। विस्फोट के कारणों की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फैक्ट्री के पास सभी जरूरी लाइसेंस और सुरक्षा अनुमति थी या नहीं।
विरुधुनगर जिला पटाखा उद्योग का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम स्तर के कारखाने संचालित होते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल श्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं, बल्कि पूरे उद्योग के नियमन की आवश्यकता को भी उजागर करती हैं।
फिलहाल, पूरे इलाके में शोक और भय का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घायलों की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

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