
मुंबई : वसुंधरा दिवस के अवसर पर राज्य सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ‘वसुंधरा रक्षक अभियान 2026’ और ‘महा आरपीईटी’ अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने और ‘वसुंधरा रक्षक’ बनने की अपील की।
पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और तेज़ी से हो रहे शहरीकरण के कारण पर्यावरण पर गंभीर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हर नागरिक को जिम्मेदारी के साथ आगे आकर पर्यावरण की रक्षा करनी होगी। ‘वसुंधरा रक्षक’ केवल एक अभियान नहीं बल्कि जन आंदोलन है, जिसे समाज के हर स्तर तक पहुँचाना आवश्यक है।
इस अवसर पर ‘वसुंधरा रक्षक अभियान’ के प्रतीक चिन्ह का अनावरण किया गया, जिसे स्वयं मंत्री पंकजा मुंडे ने तैयार किया है। साथ ही राज्य जलवायु कार्रवाई कक्ष की वेबसाइट का उद्घाटन तथा उत्सर्जन व्यापार योजना के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष सिद्धेश कदम, विभाग की सचिव जयश्री भोज, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, कचरे का सही पृथक्करण और पुनर्चक्रण जैसे छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत गांवों और शहरों में पर्यावरण के प्रति जागरूक लोगों को जोड़ा जाएगा, जिन्हें ‘वसुंधरा रक्षक’ कहा जाएगा।
‘महा आरपीईटी’ अभियान के अंतर्गत प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें ‘कम करना, पुन: उपयोग करना, पुनर्चक्रण करना और पुनर्विचार करना’ के सिद्धांतों को अपनाने का संदेश दिया गया है। मंत्री ने कहा कि प्लास्टिक कचरे का सही प्रबंधन पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी है।
इसके साथ ही उत्सर्जन व्यापार योजना पर भी चर्चा की गई, जिसमें उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय शामिल हैं। मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि कार्बन व्यापार की तरह सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उद्योगों के बीच सहयोग से प्रदूषण में कमी लाई जा सकती है।
अंत में उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और स्वच्छ जल देना ही सच्चा विकास है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।