Home राजनीतिराज्यउत्तर प्रदेशहोमगार्ड परीक्षा में सख्ती का कहर, महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र, पायल तक उतरवाने पर विवाद

होमगार्ड परीक्षा में सख्ती का कहर, महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र, पायल तक उतरवाने पर विवाद

by trilokvivechana
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लखनऊ: यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन सोमवार को राजधानी के विभिन्न केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न हुई। हालांकि, इस दौरान अपनाई गई सख्ती ने अभ्यर्थियों के बीच असंतोष को भी जन्म दे दिया।

सुरक्षा और पारदर्शिता के नाम पर की गई जांच के दौरान अभ्यर्थियों को कई स्तरों की चेकिंग से गुजरना पड़ा। परीक्षा केंद्रों के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती रही। पुरुष अभ्यर्थियों के जूते और बेल्ट उतरवाए गए, जबकि महिला अभ्यर्थियों को भी कड़े नियमों का सामना करना पड़ा। विवाहित महिलाओं के मंगलसूत्र, पायल और अन्य धातु के आभूषण तक उतरवाने की कार्रवाई ने कई जगह असहज स्थिति पैदा कर दी।

महाराजा बिजली पासी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय केंद्र पर यह सख्ती खास तौर पर चर्चा में रही, जहां महिला अभ्यर्थियों को धातु के गहनों के साथ प्रवेश से रोका गया। हरदोई से आई परीक्षार्थी सरिता देवी समेत कई अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उनकी आपत्तियों को खारिज कर दिया गया। अंततः उन्हें अपने आभूषण केंद्र के बाहर खड़े परिजनों को सौंपने पड़े।

अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जूते, बेल्ट, मोबाइल, घड़ी और यहां तक कि पेन तक ले जाने पर रोक लगा दी गई थी। केवल प्रवेश पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही अंदर जाने की अनुमति दी गई।

दूरदराज जिलों से आए अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र आवंटन को लेकर भी नाराजगी जताई। गाजीपुर, गोरखपुर, मऊ और देवरिया जैसे जिलों से सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना था कि होमगार्ड जैसे पद के लिए इतनी दूर केंद्र आवंटित करना अव्यावहारिक है। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा और लंबी यात्रा के कारण थकान भी बढ़ी।

परीक्षा के स्तर को लेकर भी सवाल उठे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र का स्तर उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती के समान कठिन था। सामान्य ज्ञान, हिंदी, विज्ञान, इतिहास और भूगोल जैसे विषयों से पूछे गए प्रश्न अपेक्षा से अधिक जटिल थे, जिन्हें सीमित समय में हल करना कई परीक्षार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा प्रणाली, सुरक्षा मानकों और प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही संवेदनशीलता और व्यावहारिकता भी उतनी ही अहम होनी चाहिए।

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