
मुंबई/विरार: मुंबई अंडरवर्ल्ड के कभी कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे अरुण गवली उर्फ ‘डैडी’ और जयेंद्र विष्णु ठाकुर उर्फ ‘भाई ठाकुर’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। वजह बनी है विरार स्थित ठाकुर के निवास पर हुई उनकी अचानक मुलाकात, जिसकी तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।
तस्वीर में दोनों नेता गले मिलते हुए नजर आ रहे हैं, जिसने न केवल आम लोगों बल्कि राजनीतिक और आपराधिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी माने जाने वाले इन दोनों चेहरों का इस तरह एक साथ दिखना कई सवाल खड़े कर रहा है।
दोस्ती का इशारा या नई शुरुआत?
मुलाकात के दौरान भाई ठाकुर ने अरुण गवली को भगवान गणेश की एक आकर्षक मूर्ति भेंट की, जिसे दोस्ती और सद्भाव का प्रतीक माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच पुरानी यादों को लेकर बातचीत भी हुई। हालांकि, बातचीत का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पुरानी कड़वाहट के बाद बदले रिश्ते
गौरतलब है कि अरुण गवली हाल ही में करीब 17 साल बाद जेल से बाहर आए हैं। सितंबर 2025 में उनकी रिहाई के बाद यह उनकी सबसे चर्चित सार्वजनिक मुलाकात मानी जा रही है। जेल में रहने के दौरान उनकी माता लक्ष्मीबाई गवली का निधन हुआ था। उस समय भाई ठाकुर ने भायखला स्थित उनके घर जाकर संवेदना व्यक्त की थी और गवली को विरार आने का न्योता दिया था।
अब गवली द्वारा उस निमंत्रण को स्वीकार कर ठाकुर के निवास पहुंचना, दोनों के रिश्तों में आए बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज
इस मुलाकात के बाद वसई-विरार और मुंबई में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे महज एक व्यक्तिगत और सौहार्दपूर्ण मुलाकात बता रहे हैं, तो कुछ इसे संभावित राजनीतिक या व्यावसायिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे घटनाक्रम अक्सर भविष्य के संकेत भी देते हैं, खासकर तब जब जुड़े हुए चेहरे पहले से ही प्रभावशाली रहे हों।
अभी भी बरकरार रहस्य
हालांकि, इस मुलाकात के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह मुलाकात फिलहाल रहस्य बनी हुई है।
फिलहाल, एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह सिर्फ पुरानी कड़वाहट खत्म होने का संकेत है या फिर किसी नए समीकरण की शुरुआत? आने वाले दिनों में ही इस मुलाकात के मायने साफ हो पाएंगे।