
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा संचालित स्कूल अब महानगर की शिक्षा व्यवस्था में एक मजबूत विकल्प बनकर उभरे हैं। बदलते समय के साथ इन स्कूलों ने न केवल अपनी गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि अभिभावकों के भरोसे को भी लगातार मजबूत किया है। यही कारण है कि बीएमसी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इन्हें अब एक आदर्श शैक्षणिक मॉडल के रूप में देखा जाने लगा है।
इस बदलाव के पीछे महापौर, शिक्षण समिति, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों की संयुक्त मेहनत को प्रमुख कारण माना जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे तंत्र के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
अंग्रेजी माध्यम की ओर बढ़ता रुझान
पिछले कुछ वर्षों में अभिभावकों का झुकाव अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने वर्ष 2020-21 से सीबीएसई, आईसीएसई, आईजीसीएसई और आईबी बोर्ड से संबद्ध कुल 21 स्कूल शुरू किए हैं। इनमें 18 सीबीएसई, 1 आईसीएसई, 1 आईजीसीएसई और 1 आईबी स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में नर्सरी से लेकर दसवीं कक्षा तक प्रवेश की मांग इतनी बढ़ गई है कि कई विद्यार्थियों को सीटों की कमी के कारण प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
अतिरिक्त सेक्शन शुरू करने की तैयारी
बढ़ती मांग को देखते हुए मनपा के शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रस्ताव के अनुसार, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों में नर्सरी से दसवीं तक प्रत्येक कक्षा में चार अतिरिक्त सेक्शन शुरू किए जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे शिक्षा समिति तथा मनपा प्रशासन की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो शैक्षणिक वर्ष 2027-28 में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कई स्कूलों में बढ़ेंगी सुविधाएं
मुंबई पब्लिक स्कूल, पूनम नगर, वूलन मिल, चिकूवाड़ी, जनकल्याण नगर, प्रतीक्षानगर, मिठानगर, हरियाली विलेज, राजावाड़ी, अजीज बाग, तुंगा विलेज, भवानी शंकर रोड, काणे नगर, आणिक विलेज, आशिष तलाव, एम जी क्रॉस रोड, शांतीनगर और वीर सावरकर जैसे कई स्कूलों में अतिरिक्त सेक्शन शुरू करने की योजना है। इससे न केवल सीटों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा का दायरा भी विस्तारित होगा।
जनभागीदारी से मजबूत हुआ शिक्षा मॉडल
शिक्षाविद चंद्रवीर बंशीधर यादव का मानना है कि बीएमसी स्कूलों की सफलता का मूल मंत्र सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी है। वे पिछले तीन दशकों से “बीएमसी स्कूल इज द बेस्ट स्कूल इन मुंबई” अभियान के माध्यम से इस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
आज, जब निजी स्कूलों में प्रवेश कठिन होता जा रहा है, बीएमसी स्कूल आम नागरिकों के लिए एक सुलभ, सशक्त और भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आए हैं। आने वाले वर्षों में यह मॉडल मुंबई ही नहीं, बल्कि देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।