
मुंबई। महाराष्ट्र के 67वें स्थापना दिवस पर राजधानी मुंबई में देशभक्ति और गौरव का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हुतात्मा चौक पहुंचकर हुतात्मा स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया और राज्य के लिए बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने महाराष्ट्र को देश की प्रगति का “ग्रोथ इंजन” बताते हुए कहा कि राज्य आज वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना चुका है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हुतात्माओं के बलिदान से बना महाराष्ट्र आज देश की आर्थिक ताकत का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र विश्व की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है, जो यहां की विकास क्षमता, उद्योग और नवाचार का प्रमाण है। उन्होंने प्रसिद्ध पंक्ति “दिल्ली का तख्त भी संभालता है मेरा महाराष्ट्र” का उल्लेख करते हुए राज्य के ऐतिहासिक योगदान और सामर्थ्य को रेखांकित किया।
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि यह आत्ममंथन और संकल्प का दिन है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और महाराष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दें।
इस अवसर पर कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आयुक्त अश्विनी भिडे, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती और जिलाधिकारी आंचल गोयल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने हुतात्माओं के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कामगार दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया श्रमिकों के परिश्रम पर टिकी है और उन्हीं के प्रयासों से समृद्धि का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि राज्य और देश की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसी क्रम में मुंबई उपनगर में आयोजित महाराष्ट्र दिवस कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा पालकमंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विभिन्न वर्षों के लिए जिला स्तरीय पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
महाराष्ट्र दिवस के इस आयोजन ने राज्य के गौरवशाली अतीत, मजबूत वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य का संदेश देते हुए नागरिकों में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया।