
मुंबई/पुणे। पुणे जिले में चार साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। इस जघन्य अपराध पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “मानवता पर कलंक” बताया और आरोपी को फांसी देने की मांग की है।
गायकवाड़ ने राज्य सरकार पर सीधे हमला बोलते हुए कहा कि महाराष्ट्र में कानून का डर खत्म हो चुका है और महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बड़ी घटना के बाद मुख्यमंत्री केवल बयानबाजी तक सीमित रह जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। उनके अनुसार, “सरकार का पुलिस पर और पुलिस का अपराधियों पर नियंत्रण कमजोर पड़ गया है, जो बेहद चिंताजनक है।”
उन्होंने पुणे की इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जब आम लोग सड़कों पर उतरे, तो पुलिस ने उनके साथ सख्ती बरती और लाठीचार्ज किया। गायकवाड़ ने इसे “दर्दनाक और शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि पीड़ितों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए।
गायकवाड़ ने राज्य में बढ़ते अपराधों के साथ-साथ पुणे में फैल रहे ड्रग्स कारोबार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अपराध और नशे का गठजोड़ समाज के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए सरकार की ओर से प्रभावी रणनीति दिखाई नहीं दे रही।
महिला सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने “शक्ति कानून” का जिक्र किया, जो महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर कड़ी सजा का प्रावधान करता है। गायकवाड़ ने कहा कि यह कानून पिछले तीन वर्षों से केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। उन्होंने केंद्र से इसे जल्द स्वीकृति देने और राज्य सरकार से इसे तुरंत लागू करने की मांग की।
उन्होंने बदलापुर समेत अन्य स्थानों की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि राज्य के हर हिस्से में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि हजारों महिलाएं लापता हो रही हैं।
अंत में गायकवाड़ ने सख्त लहजे में कहा कि यदि सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।