मानसून की राहतभरी आहट: अंडमान में समय से पहले दस्तक के संकेत

मुंबई। देशभर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। निजी मौसम एजेंसी ‘स्काईमेट’ ने अनुमान जताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष निर्धारित समय से पहले सक्रिय हो सकता है और अंडमान सागर में इसकी शुरुआती दस्तक जल्द देखने को मिल सकती है।

एजेंसी के अनुसार, अगले 48 घंटों में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से और भूमध्यरेखीय क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। यह मौसमी प्रणाली विकसित होने पर भूमध्यरेखीय हवाओं को मजबूती मिलेगी, जिससे मानसून की रफ्तार तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति मानसून के आगमन चक्र को प्रभावित कर सकती है।

सामान्यतः मानसून 14 से 22 मई के बीच अंडमान सागर में पहुंचता है, लेकिन इस बार परिस्थितियां पहले से अधिक अनुकूल दिखाई दे रही हैं। ‘स्काईमेट’ के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस बार मानसून की प्रक्रिया समय से पहले शुरू होने की संभावना है। इसके बाद मानसून की यह प्रणाली धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए लगभग 21 दिनों के भीतर कोकण तट तक पहुंच सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अंडमान क्षेत्र में मानसून की एंट्री जल्दी होती है तो इसका सीधा असर महाराष्ट्र सहित पश्चिमी तटीय राज्यों पर भी पड़ेगा। इससे राज्य में मानसून की समय से पहले या समयानुसार दस्तक की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।

इससे पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भी संकेत दिया था कि मई के मध्य तक दक्षिण-पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो सकती हैं। अब ‘स्काईमेट’ के नए अनुमान ने मानसून को लेकर उम्मीदों को और बल प्रदान किया है।

लगातार दूसरे वर्ष समय से पहले मानसून के संकेत न केवल भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र और जल संसाधनों के लिए भी इसे बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। अच्छी और समय पर बारिश से खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलने की संभावना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।

फिलहाल पूरे देश की निगाहें मौसम की इस बदलती करवट पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में गर्मी से राहत की सौगात लेकर आ सकती है।

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