
मुंबई। आर्थिक राजधानी मुंबई के समुद्री किनारों को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने तकनीक आधारित नई पहल शुरू की है। शहर के प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल गेटवे ऑफ इंडिया और बधवार पार्क क्षेत्र में अब समुद्र में तैरते कचरे की सफाई के लिए मानव रहित इलेक्ट्रिक बोट तैनात की गई हैं। इन अत्याधुनिक बोटों की मदद से प्रतिदिन लगभग 80 से 90 किलो तक तैरते कचरे को समुद्र से बाहर निकाला जा रहा है।
महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देश और अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में शहर में स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का अभियान तेज किया गया है। इस विशेष परियोजना की निगरानी उपायुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) किरण दिघावकर कर रहे हैं।
बीएमसी के ‘ए’ विभाग के अंतर्गत शुरू की गई इस पहल में उपायुक्त (परिमंडल-1) चंदा जाधव के मार्गदर्शन तथा सहायक आयुक्त गजानन बेल्लाळे के नेतृत्व में दो आधुनिक मानव रहित इलेक्ट्रिक बोट समुद्र में संचालित की जा रही हैं।
महानगरपालिका अधिकारियों के अनुसार ये बोट पूरी तरह विद्युत ऊर्जा से चलती हैं, जिससे पर्यावरण पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। बोट में अत्याधुनिक व्हीकल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (VTMS) और जीपीएस तकनीक स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से इनके संचालन, मार्ग और सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र में प्लास्टिक, थर्माकोल, बोतलें और अन्य तैरते कचरे को हटाने में यह तकनीक पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रही है। इससे न केवल समुद्री तटों की स्वच्छता बेहतर होगी, बल्कि समुद्री जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
बीएमसी की यह पहल मुंबई को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल महानगर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।