Home ताजा खबरमुंबई एयरपोर्ट पर ‘ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप’,ट्रांजिट यात्रियों के जरिए हो रही थी सोना तस्करी, डीआरआई ने 4.8 करोड़ का विदेशी सोना जब्त किया

मुंबई एयरपोर्ट पर ‘ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप’,ट्रांजिट यात्रियों के जरिए हो रही थी सोना तस्करी, डीआरआई ने 4.8 करोड़ का विदेशी सोना जब्त किया

by trilokvivechana
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मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4.8 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग 3 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है। डीआरआई ने इस विशेष अभियान को ‘ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप’ नाम दिया है। मामले में एयरपोर्ट परिसर में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त खुफिया सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया, जो मुंबई एयरपोर्ट के ट्रांजिट सिस्टम का दुरुपयोग कर विदेश से अवैध रूप से सोना भारत पहुंचा रहा था।
जांच में सामने आया कि तस्कर सोने को पिघलाकर उसकी धूल तैयार करते थे और फिर उसे मोम के रूप में परिवर्तित कर विशेष अंडाकार कैप्सूल में छिपाते थे। इन कैप्सूल को ट्रांजिट यात्रियों द्वारा निगलकर भारत लाया जाता था, ताकि एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और कस्टम अधिकारियों की निगरानी से बचा जा सके।
डीआरआई सूत्रों के मुताबिक, तस्करी नेटवर्क में एयरपोर्ट के अंदर मौजूद एक फूड आउटलेट में कार्यरत सफाई कर्मचारी की अहम भूमिका थी। आरोप है कि वही कर्मचारी ट्रांजिट यात्रियों से सोने वाले कैप्सूल प्राप्त कर उन्हें एयरपोर्ट परिसर से बाहर पहुंचाने का काम करता था। डीआरआई ने इसी कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह एयरपोर्ट की ट्रांजिट व्यवस्था और सपोर्ट सेवाओं का इस्तेमाल कर कस्टम ड्यूटी से बचने के साथ सुरक्षा प्रणाली को भी चुनौती देने की कोशिश कर रहा था। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि तस्करी का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है।
डीआरआई ने बताया कि ‘ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप’ के तहत की गई यह बरामदगी हाल के वर्षों में सोना तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस मामले ने एयरपोर्ट के भीतर अंदरूनी मदद से संचालित संगठित तस्करी नेटवर्क की आशंका को भी मजबूत किया है।
फिलहाल डीआरआई पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा विदेश से सोना भेजने वाले सरगनाओं का नेटवर्क कितना व्यापक है।

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