
मुंबई, 2 जून। देश की परीक्षा प्रणाली पर उठ रहे सवालों और NEET व CBSE परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मामलों को लेकर सोमवार को मुंबई में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। मुंबई यूथ कांग्रेस के बैनर तले निकाले गए ‘युवा आक्रोश मार्च’ में सैकड़ों छात्रों, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।
मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत शबरीन के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च का नेतृत्व भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने किया। चैत्यभूमि से शिवाजी पार्क स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा तक प्रस्तावित इस मार्च में युवाओं का उत्साह और आक्रोश दोनों देखने को मिला। हालांकि पुलिस ने मार्च को बीच रास्ते में रोक दिया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिससे प्रदर्शन और अधिक चर्चाओं में आ गया।
आंदोलन में कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं पूर्व मंत्री नसीम खान, विधायक भाई जगताप, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सचिन सावंत समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। पूरे मार्ग पर “पेपर लीक बंद करो”, “छात्रों को न्याय दो” और “शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ” जैसे नारों की गूंज सुनाई देती रही।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को गंभीर चोट पहुंचाई है। लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत और परिवारों की उम्मीदें भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो जाए तो सरकार की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
पूर्व मंत्री नसीम खान ने कहा कि पेपर लीक केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार का परिणाम है। विधायक भाई जगताप ने आरोप लगाया कि युवाओं को सपने दिखाने वाली सरकार उनके भविष्य से जुड़े घोटालों पर मौन साधे हुए है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की।
सचिन सावंत ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था का आधार प्रतिभा और परिश्रम होना चाहिए, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं मेधावी छात्रों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लेने में असफल रही है।
मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत शबरीन ने स्पष्ट कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक यह संघर्ष थमने वाला नहीं है। युवाओं की आवाज अब सड़कों से उठकर व्यवस्था से जवाब मांग रही है।