Home ताजा खबर‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद पर फडणवीस सख्त

‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद पर फडणवीस सख्त

by trilokvivechana
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बोले- मनोरंजन के नाम पर गरिमा और सामाजिक मर्यादाओं से खिलवाड़ स्वीकार नहीं

मुंबई। एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में की गई ‘370 रुपये की बिरयानी’ वाली टिप्पणी पर मचे बवाल के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि मानवीय गरिमा और सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रख दिया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि संविधान सभी को बोलने की आजादी देता है, लेकिन इसके दुरुपयोग की इजाजत नहीं देता।

वायरल टिप्पणी को लेकर देशभर में छिड़ी बहस के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विवादित टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला है। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताते हुए यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाला करार दिया है। मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है, लेकिन इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि इस अधिकार का दुरुपयोग न हो। उन्होंने कहा कि जब अभिव्यक्ति बेलगाम हो जाती है और किसी व्यक्ति के सम्मानपूर्वक जीने के अधिकार का उल्लंघन करती है, तब संविधान ऐसे व्यवहार की अनुमति नहीं देता।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें स्वयं स्टैंड-अप कॉमेडी पसंद है और वे ऐसे कार्यक्रम देखते भी हैं, लेकिन हास्य और मनोरंजन के नाम पर सामाजिक सीमाओं और मानवीय गरिमा का अतिक्रमण किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।

दरअसल, पूरा विवाद गुरुग्राम के एक टेक कर्मचारी के बयान से शुरू हुआ। एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान उसने दावा किया कि एक डेट के दौरान उसने चिकन बिरयानी की एक प्लेट पर 370 रुपये खर्च किए थे। युवक के अनुसार, जब महिला ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा तो उसने बिरयानी पर खर्च किए गए पैसों के बदले यौन संबंध की मांग कर दी। इस घटना का जिक्र कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में किया गया, जिसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई सामाजिक संगठनों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि इस तरह के बयान महिलाओं के प्रति गलत सोच को बढ़ावा देते हैं और समाज में खतरनाक संदेश भेजते हैं।

अब इस विवाद ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान के बाद यह साफ संकेत मिल गया है कि मनोरंजन की आड़ में गरिमा और सम्मान की सीमाएं लांघने वालों के प्रति सरकार का रुख सख्त रहेगा।

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