
अवैध आईवीएफ सेंटर पर पुलिस-स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई, शहर के 11 आईवीएफ और 259 सोनोग्राफी केंद्रों की व्यापक जांच शुरू
ठाणे: बदलापुर में सामने आए महिला अंडाणु (एग) की अवैध बिक्री के सनसनीखेज मामले की कड़ी अब ठाणे तक पहुंच गई है। इस प्रकरण में सक्रिय एक अवैध आईवीएफ केंद्र का खुलासा होने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए केंद्र को बंद करा दिया है। मामले के उजागर होते ही ठाणे महानगरपालिका प्रशासन सतर्क हो गया है और शहर के सभी पंजीकृत आईवीएफ तथा सोनोग्राफी केंद्रों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ठाणे शहर में फिलहाल 11 पंजीकृत आईवीएफ केंद्र और 259 सोनोग्राफी केंद्र संचालित हो रहे हैं। बदलापुर में हुई कार्रवाई के बाद अब इन सभी केंद्रों की चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी नियमों का उल्लंघन या अवैध गतिविधियां तो नहीं चल रही हैं। इसके साथ ही ऐसे किसी भी संदिग्ध या बिना अनुमति संचालित केंद्र का पता लगाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
दरअसल, बदलापुर पुलिस ने हाल ही में महिला अंडाणुओं की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं को पैसों का लालच देकर उनके शरीर में अंडाणु विकसित कराए जाते थे। बाद में चिकित्सकीय प्रक्रिया के जरिए उन्हें निकालकर अवैध रूप से बेचा जाता था। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क केवल एक जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि इसकी जड़ें महाराष्ट्र के अन्य शहरों के साथ-साथ राज्य के बाहर तक फैली हो सकती हैं।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि नासिक में पंजीकृत ‘मालती आईवीएफ सेंटर’ ठाणे में अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इस केंद्र का ठाणे महानगरपालिका के पास कोई आधिकारिक पंजीकरण नहीं था और यह गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था। इसी केंद्र में अंडाणुओं की अवैध खरीद-फरोख्त की गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बदलापुर पुलिस और ठाणे महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त छापा मारकर केंद्र पर कार्रवाई की और उसे तत्काल बंद करा दिया।
मामले के बाद ठाणे महानगरपालिका का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। विभाग ने शहर में विशेष जांच अभियान शुरू करते हुए छह अलग-अलग निरीक्षण दल गठित किए हैं। ये दल आईवीएफ केंद्रों और सोनोग्राफी क्लीनिकों का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेज, अनुमति पत्र, मरीजों के रिकॉर्ड और उपचार प्रक्रियाओं की जांच कर रहे हैं।
जांच के दौरान यह भी परखा जा रहा है कि आईवीएफ उपचार लेने वाली महिलाओं को वास्तव में अंडाणुओं की आवश्यकता थी या नहीं और क्या इसके लिए अधिकृत चिकित्सकीय रिपोर्ट मौजूद हैं। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि अंडाणु किस बैंक से उपलब्ध कराए गए, उन्हें दान करने वाली महिलाओं की विधिवत सहमति ली गई थी या नहीं, तथा कहीं किसी महिला से एक से अधिक बार अंडाणु दान तो नहीं कराया गया। नियमानुसार किसी भी महिला को केवल एक बार ही अंडाणु दान करने की अनुमति होती है।
साथ ही सोनोग्राफी केंद्रों के संचालन, उपकरणों और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी केंद्र वैधानिक नियमों के तहत ही कार्य कर रहे हैं।
ठाणे महानगरपालिका के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रसाद पाटील ने बताया कि बदलापुर पुलिस की कार्रवाई के बाद गावदेवी क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे ‘मालती आईवीएफ सेंटर’ पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शहर के सभी पंजीकृत आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों की जांच की जा रही है।
डॉ. पाटील के अनुसार अब तक छह केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है और वहां किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई है। हालांकि जांच अभियान अभी जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी को शहर में अवैध रूप से संचालित आईवीएफ या संबंधित चिकित्सा केंद्र की जानकारी हो तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।