
मुंबई, प्रतिनिधि। महानगर में लूट की एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए अंटॉप हिल पुलिस ने 32 लाख 50 हजार रुपये की नकद लूट के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में 9 संदिग्धों की पहचान कर उनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 21 लाख 61 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को जबरन एक वाहन में बैठाकर उसका अपहरण किया और धमकाते हुए उससे बड़ी रकम लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को मुंबई के घाटकोपर इलाके में छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पीड़ित ने अंटॉप हिल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना तंत्र का सहारा लिया गया। पुलिस टीम ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी करते हुए आरोपियों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
जांच के दौरान सामने आए 9 संदिग्धों में से 6 को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल एकनाथ गायकवाड़ (30), इरफान अली अहमद अली खान (33), विवेक विलास काकडे (32), संतोष वसंत मलेकर (44), स्वप्नील चंद्रकांत पाटिल (34) और मोहम्मद रिजवान अंसार (47) के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से दो को नालासोपारा से, तीन को गोवा राज्य से और एक को वसई-विरार क्षेत्र से पकड़ा गया है। आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से 21 लाख 61 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। शेष राशि की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
इस पूरी कार्रवाई को पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। इसमें सहायक पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विक्रम देशमाने और पुलिस उपायुक्त (जोन-4) आर. रागसुधा की निगरानी में अंटॉप हिल पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शिवाजी पावडे और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह वारदात एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई थी, जिसमें आरोपियों ने पहले से पीड़ित की गतिविधियों पर नजर रखी थी।
इस घटना ने एक बार फिर मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का खुलासा होने और बड़ी रकम की बरामदगी से आम नागरिकों में कुछ हद तक भरोसा जरूर बढ़ा है।