Home ताजा खबरपत्रकारिता क्षेत्र में एआई के कारण महत्वपूर्ण बदलाव; बदलावों को अवसर के रूप में देखते हुए महिला पत्रकार अधिक तकनीक-समर्थ बनें— ब्रिजेश सिंह

पत्रकारिता क्षेत्र में एआई के कारण महत्वपूर्ण बदलाव; बदलावों को अवसर के रूप में देखते हुए महिला पत्रकार अधिक तकनीक-समर्थ बनें— ब्रिजेश सिंह

by trilokvivechana
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मुंबई, 20 अप्रैल: तेजी से बदलते सूचना और प्रौद्योगिकी के युग में पत्रकारिता क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। इन बदलावों को अवसर के रूप में देखते हुए महिला पत्रकारों को अधिक तकनीक-समर्थ बनना चाहिए। इस तकनीक के उपयोग से महिला पत्रकार पत्रकारिता के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं, ऐसा विश्वास सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव तथा महानिदेशक ब्रिजेश सिंह ने व्यक्त किया।

राष्ट्रीय महिला आयोग और सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान के रंगस्वर सभागार में आयोजित ‘महिला, मीडिया और प्रौद्योगिकी’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पत्रकारिता पर उसका प्रभाव’ विषय पर प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह बोल रहे थे।

इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर, राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवड़े, प्रख्यात लेखिका डॉ. रिचा सूद तथा नई दिल्ली की वरिष्ठ पत्रकार डॉ. स्वाती गुप्ता उपस्थित थीं।

मार्गदर्शन करते हुए प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक मानवीय संदर्भों पर काम करती है, इसलिए इसमें त्रुटि की संभावना बनी रहती है। पत्रकारिता में एआई का उपयोग करते समय संदर्भों की शुद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। महिला पत्रकार राजनीतिक, मनोरंजन और अपराध जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग करती हैं, और इस दौरान एआई तकनीक उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है।

विश्लेषणात्मक और अनुसंधान कार्यों के लिए अधिक समय

‘एआई’ केवल सूचना का साधन नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गति बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली माध्यम है। सूचना संग्रह, अनुवाद और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुति के लिए एआई का प्रभावी उपयोग कर कार्य की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। एआई के कारण मानव श्रम की बचत होती है, जिससे पत्रकारों को विश्लेषणात्मक और अनुसंधानात्मक कार्यों के लिए अधिक समय मिल पाता है, ऐसा भी उन्होंने कहा।

बदलते समय में समृद्ध पत्रकारिता और अग्रणी बने रहने के लिए महिलाओं द्वारा एआई टूल्स का उपयोग करना आवश्यक है। एआई द्वारा उपलब्ध नई संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए महिला पत्रकारों को तकनीकी कौशल विकसित करना चाहिए। भविष्य में तकनीक के साथ तालमेल बैठाकर अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर महिलाओं के पास है। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग से महिला पत्रकारों के लिए एआई कौशल प्रशिक्षण शुरू करने का भी आग्रह किया।

अंग्रेजी भाषा की बाधा को दूर करते हुए क्षेत्रीय भाषाओं में एआई का उपयोग करना आवश्यक है। ‘सर्वम’ जैसे इंडिक एआई टूल्स के माध्यम से अब ग्रामीण क्षेत्रों की खबरें या जानकारी स्थानीय भाषा में सीधे संबंधित लोगों तक पहुंचाना आसान होगा। इससे भाषा की बाधा समाप्त होगी और जानकारी सार्वभौमिक बनेगी, जिसका लाभ स्थानीय स्तर की महिला पत्रकारों को मिलेगा, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया।

कार्यशाला के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के डिजिटल उपक्रमों की जानकारी देते हुए ब्रिजेश सिंह ने कहा कि विभाग में एआई के उपयोग से सटीक समाचारों का तेजी से प्रसारण किया जा रहा है। एआई के क्षेत्र में कार्य करते समय नैतिक आचार संहिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी आचार संहिता यूरोप में तैयार की गई है और भारत में भी इस प्रकार की व्यवस्था आवश्यक है।

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