दो साल में दूसरा बड़ा ब्लास्ट
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर जिले में शुक्रवार देर रात एक बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ। जिले के बाजारगांव इलाके में स्थित सोलर ग्रुप के डिफेंस-कम-कॉमर्शियल एक्सप्लोसिव्स यूनिट में अचानक हुए विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। इस भीषण ब्लास्ट में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। तीन घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के बाद संयंत्र का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
देर रात गूंजा धमाका, फैक्ट्री परिसर में हड़कंप
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार आधी रात करीब 12 बजे जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक महसूस की गई। स्थानीय ग्रामीण और फैक्ट्री के अन्य कर्मचारी तुरंत बाहर की ओर भागे। विस्फोट का केंद्र संयंत्र की एक इमारत थी, जो देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गई।
हादसे के बाद फैक्ट्री गेट के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए। लोग अपने परिजनों और परिचितों के बारे में जानकारी पाने के लिए व्याकुल नजर आए। सुबह तक फैक्ट्री परिसर के बाहर भारी भीड़ बनी रही और पुलिस बल को हालात नियंत्रित करने के लिए तैनात करना पड़ा।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
धमाके में घायल हुए कर्मचारियों को तुरंत नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार तीन श्रमिकों की स्थिति बेहद गंभीर है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। अन्य घायलों का इलाज जारी है। मृतक कर्मचारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
दो साल में दूसरा बड़ा हादसा
सोलर ग्रुप के बाजारगांव संयंत्र में यह पहला विस्फोट नहीं है। दिसंबर 2023 में भी इसी फैक्ट्री में एक भीषण धमाका हुआ था, जिसमें 9 कर्मचारियों की मौत हो गई थी। उस समय हादसे को लेकर सुरक्षा मानकों और फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठे थे। अब दोबारा हुए इस विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था और मानकों की जांच को लेकर नए सिरे से चिंता खड़ी कर दी है।
कंपनी का महत्व और संवेदनशीलता
सोलर ग्रुप देश के रक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक प्रमुख कंपनी है। यह भारतीय सशस्त्र बलों को उच्च ऊर्जा सामग्री और गोला-बारूद की आपूर्ति करती है। इसके अलावा कंपनी वाणिज्यिक उपयोग के लिए भी विस्फोटक तैयार करती है। ऐसे में इस तरह के हादसे न केवल औद्योगिक सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला पर भी प्रश्न खड़े करते हैं।
घटनास्थल पर पहुंचे नेता और प्रशासनिक अधिकारी
धमाके की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुंच गया। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिजनों से बातचीत की। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने संयंत्र को तत्काल सील कर दिया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विस्फोट संयंत्र की एक इमारत में हुआ और हादसा कुछ ही मिनटों में भयानक रूप ले गया।
प्रबंधन का बयान और जांच
कंपनी प्रबंधन के एक सूत्र ने बताया कि विस्फोट एक ही इमारत तक सीमित रहा। जैसे ही घटना हुई, तुरंत अन्य श्रमिकों को बाहर निकाला गया। हालांकि, कुछ कर्मचारी मलबे में फंस गए और घायल हो गए। प्रबंधन ने कहा है कि हादसे की पूरी वजह जानने के लिए जांच जारी है और सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्राउंड ज़ीरो से सबूत जुटाए जा रहे हैं। विस्फोट की वास्तविक वजह का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। हालांकि प्राथमिक अनुमान है कि निर्माणाधीन बैच में किसी तकनीकी गड़बड़ी या मानक प्रक्रिया के उल्लंघन के कारण विस्फोट हुआ।
स्थानीय लोगों में दहशत
हादसे के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि पिछले हादसे के बाद भी प्रशासन और कंपनी ने सुरक्षा मानकों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच की जाए और श्रमिकों की जान की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान किए जाएं।
सरकार से मुआवजे की मांग
मृतक श्रमिक के परिजनों और घायलों के परिवारजनों ने सरकार और कंपनी प्रबंधन से उचित मुआवजे की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने मृतक के परिवार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। साथ ही घायलों का पूरा इलाज कंपनी और प्रशासन की ओर से कराने की बात कही गई है।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस हादसे ने एक बार फिर से औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर उन फैक्ट्रियों में जहां विस्फोटक सामग्री का निर्माण होता है। श्रमिक संगठनों ने मांग की है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए और संयंत्र की सुरक्षा समीक्षा विशेषज्ञ समिति से कराई जाए।
