अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अहिल्यानगर रेलवे स्टेशन, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना
मुंबई/अहिल्यानगर: महाराष्ट्र सरकार ने अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अहिल्यानगर रेलवे स्टेशन कर दिया है। शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की। गृह विभाग के संयुक्त सचिव राजेश होलकर ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 2 सितंबर, 2025 को इस नाम परिवर्तन को लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया गया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने यह औपचारिक आदेश निकाला।
दरअसल, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर के 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर 31 मई, 2024 को चौंडी (जामखेड तालुका) में आयोजित एक कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अहमदनगर जिले का नाम बदलकर अहिल्यानगर करने की घोषणा की थी। चौंडी को अहिल्यादेवी का जन्मस्थान माना जाता है, और उनके सम्मान में यह निर्णय लिया गया।
नाम बदलने की मांग और प्रक्रिया
नाम बदलने की मांग सबसे पहले तत्कालीन विधायक राम शिंदे और विधायक गोपीचंद पडलकर ने की थी। शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने विधानसभा सत्र के दौरान इस मांग को स्वीकार किया और नगर निगम को प्रस्ताव पारित करने का निर्देश दिया। हालांकि, उस समय अहमदनगर नगर निगम ने कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया। बाद में प्रशासकीय शासन लागू होने के बाद प्रशासनिक महासभा में नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया गया। इसी आधार पर राजस्व एवं वन विभाग ने 8 अक्टूबर, 2024 को अधिसूचना जारी कर अहमदनगर शहर, उपखंड और जिले का नाम बदलकर अहिल्यानगर कर दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अहमदनगर शहर की स्थापना 1490 में अहमद निजाम शाह ने की थी। इसके बाद यह क्षेत्र निज़ाम, मुग़ल, अंग्रेज़, पेशवा और होल्कर जैसी कई शक्तियों के अधीन रहा। अब इस ऐतिहासिक शहर को आधिकारिक रूप से अहिल्यादेवी होलकर के नाम से जोड़ा गया है।
विवाद और अदालत की कार्यवाही
नाम परिवर्तन को लेकर कुछ नागरिकों ने विरोध भी दर्ज कराया। शहर के पूर्व कुलपति डॉ. सरजेराव निमसे और अरशद शेख ने हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ में याचिका दायर कर इस फैसले को चुनौती दी थी। अदालत ने नासिक संभागीय आयुक्त और अहमदनगर नगर आयुक्त को नोटिस जारी किया था, हालांकि सुनवाई लंबित रही।
राजनीतिक श्रेय की होड़
नाम बदलने का मुद्दा राजनीतिक गलियारों में भी गूंजता रहा। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों ने इस मुद्दे पर श्रेय लेने की कोशिश की। लगभग चार दशक पहले शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने भी अहमदनगर का नाम बदलकर “अंबिकानगर” करने की मांग की थी, लेकिन उस पर आगे कदम नहीं उठाया गया। बाद में यह प्रस्ताव “अहिल्यानगर” के रूप में स्वीकार हुआ।
