मुंबई। कल्याण और डोंबिवली शहर में आवारा कुत्तों ने नागरिकों का जीना मुश्किल कर दिया है। शनिवार को हुई घटनाओं ने लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया। जानकारी के अनुसार केवल एक ही दिन में आवारा कुत्तों ने 67 लोगों को काट लिया। घायलों में बच्चों और महिलाओं की संख्या अधिक है। इस कारण स्कूली बच्चों के अभिभावक खासे चिंतित हो गए हैं।
सबसे चौंकाने वाली घटना कल्याण पश्चिम के वल्लीपीर रोड पर सामने आई, जहां एक ही कुत्ते ने लगातार पांच लोगों को काट डाला। इस घटना के बाद घायल नागरिकों को तत्काल रुक्मिणी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, पूरे शहर में अलग-अलग इलाकों से ऐसे हमलों की खबरें आती रहीं।
नागरिकों ने नगर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इन आवारा कुत्तों को पकड़ा नहीं गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कूड़ेदानों और गली-मोहल्लों में कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं, जिससे नागरिकों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
घटनाओं की तस्वीरें विभिन्न जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई हैं, जिनमें साफ दिख रहा है कि किस तरह ये कुत्ते अचानक लोगों पर टूट पड़ते हैं। खासतौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है।
रात में काम से लौटने वाले लोगों के लिए भी आवारा कुत्ते परेशानी का सबब बने हुए हैं। अक्सर ये झुंड में होकर राहगीरों का पीछा करते हैं। दोपहिया वाहनों का पीछा करने की वजह से कई बार चालक नियंत्रण खो देते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
नगर निगम का दावा है कि वे नियमित रूप से कुत्तों को पकड़ने और उनका नसबंदी अभियान चलाते हैं, लेकिन बढ़ती घटनाओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि केवल औपचारिक कार्रवाई से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
फिलहाल शहर में इस मुद्दे पर चर्चा तेज है। अभिभावक अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं, वहीं आम लोग भी हर समय सावधानी बरतने को मजबूर हैं। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं ने भी प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द इन आवारा कुत्तों को नियंत्रित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
