मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। आठ महीनों में मुंबई पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में भारी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 1 जनवरी 2025 से 20 अगस्त 2025 तक 5,237 मामले दर्ज किए और 5,034 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान जब्त किए गए 1,225.75 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 700 करोड़ रुपये आंकी गई है।
तस्करों और उपभोक्ताओं पर एक साथ कार्रवाई
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के नेतृत्व में यह विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें न केवल बड़े तस्करों बल्कि उपभोक्ताओं पर भी शिकंजा कसा गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दर्ज मामलों में से 779 मामले मादक पदार्थों की तस्करी और कब्जे से जुड़े थे, जबकि 4,458 मामले सेवन से संबंधित पाए गए। यह दर्शाता है कि पुलिस ने नशे की पूरी श्रृंखला—सप्लाई से लेकर खपत तक—पर वार किया है।
सबसे ज्यादा बरामदगी गांजे की
आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सबसे अधिक बरामदगी गांजे की हुई। 488 मामलों में पुलिस ने 944.943 किलोग्राम गांजा जब्त किया और 518 लोगों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा, 170 मामलों में 252.081 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) बरामद किया गया और 236 लोग गिरफ्तार हुए।
अन्य प्रमुख जब्तियां
19.205 किलोग्राम चरस और हशीश – 15 मामले, 23 गिरफ्तारियां
1.527 किलोग्राम हेरोइन – 37 मामले
7.981 किलोग्राम कोकीन – 14 मामले
सिंथेटिक ड्रग्स – फेंटेनाइल, मेथाक्वालोन, केटामाइन और एक्स्टसी टैबलेट
औषधीय दवाएं – कोडीन फॉस्फेट सिरप, अल्प्राजोलम और नाइट्राजेपाम टैबलेट
ये आंकड़े साफ़ तौर पर बताते हैं कि मादक पदार्थों का नेटवर्क कितनी विविधता और खतरनाक स्तर तक फैला हुआ है।
हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी
7 अगस्त 2025 को एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) की बांद्रा इकाई ने बड़ी सफलता हासिल की। कार्रवाई में 24 वर्षीय अदनान शेख को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 766 ग्राम मेफेड्रोन जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई गई। जांच में पता चला कि अदनान की सप्लाई चेन कुख्यात गिरोह सरगना जमीर अहमद अंसारी उर्फ “बोका” से जुड़ी है, जिस पर पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि अदनान की संलिप्तता उसकी चाची कायनात शेख के प्रभाव में हुई, जो अपने पति के नशे के कारोबार को जेल से ही संचालित कर रही थी। इस खुलासे ने पुलिस को सप्लाई चेन के गहरे नेटवर्क तक पहुंचने में मदद की।
मुंबई पुलिस का कहना है कि यह अभियान अभी जारी रहेगा। पुलिस अब खास तौर पर उन सप्लाई चेन और नेटवर्क पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो बड़े तस्करों और स्थानीय वितरकों के बीच की कड़ी हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन पर कार्रवाई से मादक पदार्थों का प्रवाह बड़े पैमाने पर रोका जा सकेगा। मुंबई पुलिस की इस कार्रवाई ने नशे के कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। आंकड़े बताते हैं कि शहर को ड्रग-फ्री बनाने की दिशा में पुलिस की यह मुहिम कितनी सख्ती और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है।
