मुंबई/धाराशिव। महाराष्ट्र के बीड़ और धाराशिव जिलों में हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। इसी बीच धाराशिव (उस्मानाबाद) से शिवसेना (यूबीटी) सांसद ओमप्रकाश निंबालकर ने एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का मनोबल और भी बढ़ा दिया।
शनिवार रात को परांदा तहसील के वडनेर गांव में पानी से घिरे घर में फंसे एक परिवार को बचाने के लिए सांसद निंबालकर खुद बाढ़ के पानी में उतर गए। परिवार में एक बुजुर्ग दादी और दो साल का मासूम बच्चा शामिल था, जो पूरी रात भूखे-प्यासे घर में फंसे रहे। सांसद ने ग्रामीणों और एनडीआरएफ की टीम की मदद से न केवल इस परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि खुद रेस्क्यू अभियान में सक्रिय भागीदारी कर लोगों का दिल जीत लिया।
<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”mr” dir=”ltr”>बाळासाहेबांचा शिवसैनिक हे काय रसायन आहे याची प्रचिती आज धाराशिव जिल्ह्यात दिसून आली!! <br><br>धारशिव जिल्हातील वडनेर, तालुका परंडा येथे अतिवृष्टीमुळे आलेल्या पुरात एकाच कुटुंबातील आजी, २ वर्षांचा मुलगा व दोन व्यक्ती रात्रीपासून घराच्या छतावर अडकले होते.<br>शिवसेना खासदार ओमराजे निंबाळकर… <a href=”https://t.co/VEftZcfytu”>pic.twitter.com/VEftZcfytu</a></p>— ShivSena – शिवसेना Uddhav Balasaheb Thackeray (@ShivSenaUBT_) <a href=”https://twitter.com/ShivSenaUBT_/status/1970179522352828418?ref_src=twsrc%5Etfw”>September 22, 2025</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>
बाढ़ का कहर और राहत कार्य
बीड़ और धाराशिव में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। कुछ इलाकों में बादल फटने जैसी स्थिति बनी, जिससे गांवों में पानी घुस गया। धाराशिव जिले में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों परिवारों को हेलीकॉप्टर और नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
वडनेर गांव की घटना ने सबका ध्यान खींचा। यहां एक परिवार रात दो बजे से घर की छत पर फंसा हुआ था। तेज बारिश और बढ़ते पानी के कारण वे मदद का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान सांसद निंबालकर खुद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
सांसद बोले – “मैं संतुष्ट हूं”
रेस्क्यू के बाद सांसद ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा, “आज वडनेर में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में एक दादी, एक 2 साल का बच्चा और परिवार के दो लोग पूरी रात अपने घर में फंसे रहे। एनडीआरएफ कर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से मैंने स्वयं इस कार्य में भाग लिया और रात 8 बजे तक उन्हें सुरक्षित निकालने में सफल रहा। मैं बहुत संतुष्ट हूं। यह केवल मेरा नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।”
उन्होंने आगे एनडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में लोगों का साहस और एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
उद्धव ठाकरे का सीना चौड़ा
सांसद निंबालकर के इस कदम ने शिवसेना (यूबीटी) को भी गर्वित कर दिया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा – “बालासाहेब के कितने शिवसैनिक हैं, इसका प्रमाण आज धाराशिव में देखने को मिला। सांसद ओमराजे निंबालकर ने बाढ़ग्रस्त वडनेर में खुद उतरकर दादी और मासूम को बचाया। यही असली शिवसैनिक हैं।” पार्टी के अनुसार, इस घटना ने साबित कर दिया कि शिवसेना कार्यकर्ता और नेता केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि हर संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़े होते हैं।
कौन हैं ओमप्रकाश निंबालकर?
42 वर्षीय ओमप्रकाश निंबालकर शिवसेना (यूबीटी) के लोकप्रिय चेहरों में से एक हैं। उनका राजनीतिक सफर 2009 में शुरू हुआ जब वे उस्मानाबाद विधानसभा से विधायक चुने गए। 2019 में वे पहली बार लोकसभा पहुंचे और तब से अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। निंबालकर, पूर्व सांसद पदम सिंह पाटिल के भतीजे हैं और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के बीच उनकी लोकप्रियता है। वह अपनी जमीन से जुड़ी राजनीति और कार्यकर्ताओं के बीच सीधी पहुंच के लिए जाने जाते हैं। निंबालकर 2011 में संयोजनी के साथ विवाह बंधन में बंधे और अब एक सादगीपूर्ण लेकिन सक्रिय जीवन जी रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों के बीच सक्रिय भूमिका
धाराशिव और बीड़ जिलों में निंबालकर पिछले कई दिनों से लगातार राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। हेलीकॉप्टर से हुए रेस्क्यू, फंसे हुए ग्रामीणों तक राशन और दवाइयां पहुंचाना और स्थानीय प्रशासन से तालमेल बिठाना—इन सभी गतिविधियों में वे लगातार सक्रिय दिखे। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कठिन समय में सांसद का खुद पानी में उतरना और जोखिम उठाना उन्हें जनता से और भी जोड़ देता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर निंबालकर के साहस की जमकर तारीफ हो रही है।
<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”mr” dir=”ltr”>आज वडनेर ता.परंडा येथील नागरिकांचे प्राण वाचविल्याचा मनस्वी आनंद..!<a href=”https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%B5%E0%A4%A1%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B0?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw”>#वडनेर</a> <a href=”https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BE?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw”>#परंडा</a> <a href=”https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw”>#नुकसान</a> <br> <a href=”https://twitter.com/hashtag/dharashiv?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw”>#dharashiv</a> <a href=”https://twitter.com/hashtag/omrajenimbalkar?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw”>#omrajenimbalkar</a> <a href=”https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw”>#धाराशिव</a> <a href=”https://twitter.com/hashtag/omraje_nimbalkar?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw”>#omraje_nimbalkar</a> <a href=”https://t.co/OmrNjEL4Uy”>pic.twitter.com/OmrNjEL4Uy</a></p>— Omprakash Rajenimbalkar (@OmRajenimbalkr) <a href=”https://twitter.com/OmRajenimbalkr/status/1970172664724758970?ref_src=twsrc%5Etfw”>September 22, 2025</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>
जनता की उम्मीद और राजनीति का संदेश
यह घटना केवल एक बचाव अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक संदेश भी देती है। ऐसे वक्त में जब नेताओं पर जनता से दूर रहने के आरोप लगते हैं, निंबालकर का कदम एक अलग मिसाल पेश करता है। उनका यह प्रयास न केवल शिवसेना (यूबीटी) के लिए सकारात्मक संदेश है, बल्कि विपक्षी दलों के लिए भी यह एक चुनौती है कि राजनीति केवल चुनाव तक नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़े रहने का नाम है।
