कोरोना वायरस एक बार फिर नया खतरा बनकर सामने आया है। इस बार चर्चा में है XFG वेरिएंट, जिसे “स्ट्रेटस” कहा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी से फैल रहा है और अमेरिका समेत कई देशों में इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
दुनिया भर में बढ़ता खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, स्ट्रेटस वेरिएंट जनवरी 2025 में पहली बार दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया गया था। जून तक यह 38 देशों में फैल चुका था। अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग CDC ने बताया कि अब यह वेरिएंट नौ राज्यों — न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, डेलावेयर, वर्मोंट, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, मिनेसोटा, नॉर्थ डकोटा और साउथ डकोटा — में तेजी से फैल रहा है।
निंबस के बाद स्ट्रेटस
इससे पहले निंबस वेरिएंट सामने आया था, जिसमें मरीजों को गले में तेज दर्द यानी रेजर ब्लेड sore throat की समस्या हो रही थी। अब स्ट्रेटस वेरिएंट भी तेजी से फैल रहा है और इसके लक्षण अलग-अलग रूप में दिख रहे हैं।
स्ट्रेटस वेरिएंट के प्रमुख लक्षण
सांस लेने में दिक्कत या सीने में जकड़न
गले में खराश या दर्द
सिरदर्द और पूरे शरीर में दर्द
पेट खराब रहना, भूख कम लगना
मतली या उल्टी की समस्या
दिमागी थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
स्वाद और गंध का न आना या कम हो जाना
कैसे मिलेगी राहत?
डॉक्टर की सलाह पर एंटीवायरल दवाएं दी जा सकती हैं
शुरुआती लक्षणों में गुनगुना पानी पीना, भाप लेना और हल्दी-दूध फायदेमंद हो सकता है
बुखार या दर्द होने पर सामान्य दवाएं ले सकते हैं, लेकिन डॉक्टर से पूछे बिना दवा न लें
पर्याप्त आराम और पौष्टिक आहार से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के वेरिएंट समय-समय पर बदलते रहेंगे। ऐसे में सतर्कता ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथ धोना, संतुलित आहार लेना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है।
