बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश बनने पर गौरव और प्रेरणा का अवसर
मुंबई, 4 अक्टूबर। हिंदी विद्या प्रचार समिति के रामनिरंजन झुनझुनवाला कॉलेज (एम्पावर्ड ऑटोनॉमस) में शुक्रवार को अपने गौरवशाली पूर्व छात्र माननीय न्यायमूर्ति हितेन शंकराव वेणगांवकर का सम्मान समारोह सबू हॉल में बड़े गर्व और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर कॉलेज के अधिकारी, शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. उषा मुकुंदन, निदेशक, एच.वी.पी.एस., के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि आर.जे. कॉलेज का एक छात्र बॉम्बे हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनना संस्था के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। डॉ. मुकुंदन ने उनकी मेहनत, समर्पण और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि वे सभी छात्रों के लिए प्रेरणा हैं।
एच.वी.पी.एस. के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह ने न्यायमूर्ति वेणगांवकर का स्वागत किया और बताया कि यह कॉलेज के लिए गौरव का क्षण है क्योंकि वे पहले पूर्व छात्र हैं जो बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने। उन्होंने कहा कि आर.जे. कॉलेज के कई पूर्व छात्र आईएएस और मजिस्ट्रेट बने हैं, लेकिन न्यायमूर्ति वेणगांवकर का यह मुकाम विशेष प्रेरणादायक है।
डॉ. हिमांशु दावड़ा ने न्यायमूर्ति वेणगांवकर का परिचय दिया और उनके छात्र जीवन से लेकर न्यायाधीश बनने तक की प्रेरणादायी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनकी उपलब्धियां मेहनत, ईमानदारी और समर्पण का परिणाम हैं। अपने संबोधन में न्यायमूर्ति वेणगांवकर ने कॉलेज में बिताए अपने दिनों को याद किया और अपने मार्गदर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत श्री दिलीप बाबासाहेब भोसले के मार्गदर्शन में की और बाद में श्री दारियस खंबाटा के निर्देशन में केंद्र सरकार के पैनल में शामिल होकर राष्ट्रीय महत्व के मामलों में अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का प्रतिनिधित्व और विजय माल्या व नीरव मोदी प्रत्यर्पण मामले में अपनी जिम्मेदारियों का उल्लेख किया।
न्यायमूर्ति वेणगांवकर 2023 में महाराष्ट्र के मुख्य सरकारी वकील और लोक अभियोजक बने और अगस्त 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए। कार्यक्रम का संचालन स्नेहा देवूसकर ने किया और आभार प्रदर्शन भी उन्होंने ही किया। समारोह राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ और यह आर.जे. कॉलेज के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर साबित हुआ।
