मुंबई। मुंबई के मानखुर्द ट्रैफिक पुलिस विभाग की लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। शिवाजी नगर सिग्नल और बैगनवाड़ी सिग्नल पर लगातार हो रहे हादसों के बावजूद पुलिस की अनुपस्थिति ने नागरिकों में आक्रोश फैला दिया है। इन दोनों सिग्नलों पर आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाला कोई पुलिसकर्मी वहाँ मौजूद नहीं होता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहाँ इंडियन ऑयल नगर सिग्नल पर पुलिस का पूरा जमावड़ा देखा जा सकता है, वहीं कुछ ही दूरी पर स्थित शिवाजी नगर और बैगनवाड़ी सिग्नल पर पुलिस का एक भी जवान दिखाई नहीं देता। इसी लापरवाही के चलते गुरुवार शाम को एक मासूम बच्चे को तेज़ रफ्तार दोपहिया वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, क्योंकि सिग्नल पर कोई ट्रैफिक पुलिस मौजूद नहीं थी।
घायल बच्चे को राहगीरों की मदद से पुलिस की निर्भया टीम ने तुरंत अस्पताल पहुँचाया, लेकिन इस घटना ने फिर एक बार ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि हादसे के वक्त ट्रैफिक पुलिस आखिर कहाँ थी और इतने व्यस्त इलाके में उनकी ड्यूटी कौन तय करता है?
शिवाजी नगर और बैगनवाड़ी इलाकों में ट्रैफिक अव्यवस्था की स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। शाम के समय शेयरिंग ऑटो रिक्शा चालकों का जमावड़ा सिग्नलों पर लगा रहता है। ये चालक सवारियों को जीएम लिंक रोड के बीच में उतार देते हैं और फिर तुरंत दूसरा फेरा लगाने निकल पड़ते हैं, जिससे सड़क पर भारी जाम लगता है। इसके चलते न केवल वाहनों की गति प्रभावित होती है बल्कि राहगीरों की जान को भी खतरा होता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मानखुर्द ट्रैफिक पुलिस चालान काटने और वीआईपी रूट पर खड़े रहने तक ही सीमित है। आम नागरिकों की सुरक्षा और सड़क अनुशासन जैसी जिम्मेदारियाँ अब उनके एजेंडे में नहीं रह गई हैं। कई नागरिकों ने बताया कि शेयरिंग ऑटो रिक्शा चालकों में से कई के पास न तो वैध लाइसेंस है, न पहचान बैज और न ही गाड़ियों के पूरे दस्तावेज, फिर भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।
नागरिकों का कहना है कि मानखुर्द ट्रैफिक पुलिस की यह चुप्पी समझ से परे है। ऐसा लगता है जैसे पुलिस ने इन अवैध गतिविधियों को मौन स्वीकृति दे दी हो। कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन किसी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि शिवाजी नगर और बैगनवाड़ी सिग्नल पर तैनात अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। लापरवाह अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई हो और इन सिग्नलों पर स्थायी ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं।
अगर यही हाल रहा, तो नागरिकों का कहना है कि शिवाजी नगर सिग्नल जल्द ही “हादसों का अड्डा” बन जाएगा, जहाँ हर दिन निर्दोष जिंदगियाँ लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेंगी। लोगों का यह भी कहना है कि प्रशासन अब जागे, वरना आने वाले दिनों में कोई भी इस सड़क पर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा।
