
मुंबई महानगर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों को आकर्षक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज कर दिया है। इसी क्रम में मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावड़े ने मंगलवार सुबह शहर के महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदुओं—वाशी नाका, ऐरोली नाका और मुलुंड नाका—का दौरा कर प्रस्तावित परियोजना के स्थलों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य इन स्थानों पर बनने वाले भव्य प्रवेशद्वार और नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित आधुनिक संकुलों की रूपरेखा को अंतिम रूप देना था।
महापौर रितू तावड़े ने निरीक्षण के दौरान बताया कि यह परियोजना केवल भव्य कमान या स्वागत द्वार बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। इसके अंतर्गत ऐसे बहुउद्देश्यीय सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे, जो मुंबई में प्रवेश करने वाले नागरिकों, पर्यटकों और यात्रियों को कई तरह की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इन प्रवेशद्वारों की संकल्पना इस प्रकार तैयार की जा रही है कि वे मुंबई की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को भी दर्शाएं और शहर की विशेषताओं को प्रतिबिंबित करें।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रवेशद्वारों के आसपास हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिनमें उद्यान और खुले स्थान शामिल होंगे। इसके साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था भी की जाएगी। यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग वातानुकूलित शौचालय, विश्राम कक्ष और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
परियोजना के तहत स्थानीय समुदायों को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। मछुआरा समुदाय, महिला बचत समूहों और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से इन क्षेत्रों में स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए डिजिटल होर्डिंग लगाने की भी योजना है, जिनके माध्यम से सूचना, विज्ञापन और जनजागरण से संबंधित संदेश प्रसारित किए जा सकेंगे।
महापौर ने यह भी बताया कि इस परियोजना में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। सौर ऊर्जा के उपयोग से इन प्रवेशद्वारों और सुविधा केंद्रों को ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा की बचत भी होगी। इस पूरी परियोजना से जहां नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं बृहन्मुंबई महानगरपालिका को स्थायी राजस्व प्राप्त होने की संभावना भी है।
रितू तावड़े ने जानकारी दी कि इससे पहले दहिसर नाका का भी निरीक्षण किया जा चुका है। मुंबई के चारों प्रमुख प्रवेश मार्गों पर इसी प्रकार के भव्य प्रवेशद्वार और आकर्षक घड़ी टॉवर स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन सभी स्थलों का प्राथमिक निरीक्षण अब पूरा हो चुका है और जल्द ही संबंधित विभागों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में परियोजना के प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा और तय समयसीमा के अनुसार निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान सहआयुक्त (परिमंडल-5) देविदास क्षीरसागर, उपआयुक्त (उद्यान) अजितकुमार आंबी, महाराष्ट्र वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एस. वी. रामाराव, सहायक आयुक्त उज्ज्वल इंगोले, सहायक आयुक्त योगिता कोल्हे के साथ-साथ महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल, मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण, सार्वजनिक बांधकाम विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए।