
मुंबई। घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल के पुनर्विकास कार्य में हो रही देरी को लेकर मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने कड़ा रुख अपनाया है। बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परियोजना के पहले चरण का निर्माण कार्य हर हाल में अगले सप्ताह से शुरू किया जाए। साथ ही लंबित सभी अनुमतियां शीघ्र प्राप्त करने को कहा गया है।
गुरुवार को महापौर ने घाटकोपर पूर्व स्थित सेठ वीसी गांधी एवं एमए व्होरा महानगरपालिका सामान्य अस्पताल, जिसे आमतौर पर राजावाड़ी अस्पताल के नाम से जाना जाता है, के प्रकल्प स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और परियोजना से जुड़े कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पुनर्विकास योजना के पहले चरण में लगभग 600 बेड की क्षमता वाली आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई इमारत का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित भवन बेसमेंट, भूतल और 10 मंजिलों का होगा। कुल निर्माण क्षेत्र लगभग 33,179 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है। दिसंबर 2025 में भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाना था, लेकिन आवश्यक अनुमतियों के अभाव में काम अब तक प्रारंभ नहीं हो सका है।
इस पर नाराजगी जताते हुए महापौर ने कहा कि चार महीने बीत जाने के बावजूद कार्य शुरू न होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक अनुमति समय पर प्राप्त करना ठेकेदार की जिम्मेदारी है और इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अड़चनों को तत्काल दूर कर निर्माण कार्य को गति दी जाए।
महापौर तावड़े ने यह भी कहा कि अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। निर्माण कार्य के दौरान शोर, धूल और अन्य प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने परियोजना की पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनर्विकास कार्य की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी जाए। इसके अलावा महानगरपालिका मुख्यालय में इस परियोजना पर विस्तृत प्रस्तुति देने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि सभी संबंधित पक्षों को योजना की स्थिति से अवगत कराया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण की इमारत पूरी होने के बाद अस्पताल की सभी सेवाओं को नई इमारत में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में पुराने ढांचे को हटाकर नई इमारत के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।
गौरतलब है कि राजावाड़ी अस्पताल मुंबई के पूर्वी उपनगरों में स्वास्थ्य सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इसके पुनर्विकास को शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महापौर के सख्त निर्देशों के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि परियोजना को जल्द ही गति मिलेगी और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।