
भाजपा महायुती सरकार पर महाराष्ट्र को डुबोने का गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि राज्य की जनता इस सरकार को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स का काला कारोबार, खरात प्रकरण तथा नासिक और अमरावती में महिलाओं के साथ हुए यौन शोषण के मामले गृह विभाग की घोर विफलता को दर्शाते हैं। मुंबई में तिलक भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि गुजरात के कांडला बंदरगाह से महाराष्ट्र तक फैला ड्रग्स नेटवर्क युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है और राजनीतिक संरक्षण के कारण यह अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि तुलजापुर जैसे पवित्र तीर्थस्थल से जुड़े नगर प्रशासन में भी ड्रग्स रैकेट के आरोपित को पद देने से सरकार की मंशा पर प्रश्न उठते हैं। उपमुख्यमंत्री के परिजनों से जुड़े मामलों में भी गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद कार्रवाई न होना चिंताजनक है। मुंबई के नेस्को परिसर के सामने खुलेआम नशे और शराब की पार्टियों का होना कानून व्यवस्था की असफलता को दर्शाता है। उन्होंने नासिक और अमरावती की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह असफल रही है और लगातार बढ़ते अपराधों से राज्य में भय का वातावरण बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गृह विभाग पर नियंत्रण कमजोर होने के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है और राज्य को तुरंत एक पूर्णकालिक और सक्षम गृह मंत्री की आवश्यकता है ताकि कानून व्यवस्था बहाल हो सके और युवाओं को सुरक्षित भविष्य मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा बार-बार की जा रही अनदेखी के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि राज्य में कानून का राज स्थापित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए और पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। साथ ही ड्रग्स तस्करी के पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और राज्य की सामाजिक संरचना सुरक्षित रह सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। और तत्काल कार्रवाई राज्य में