झुंझुनू की पॉक्सो अदालत का बड़ा फैसला, 90 हजार का जुर्माना भी
झुंझुनू, राजस्थान। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में झुंझुनू की विशेष पॉक्सो अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी योगेश कुमार पर 90,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले को महिला और बाल सुरक्षा के प्रति न्यायपालिका की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
मामले के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता को फोन कर घर से बाहर बुलाया और अपने साथी के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। पीड़िता का मुंह बंद कर उसे बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर जबरन बैठाकर अपने घर ले जाया गया। वहां उसे दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया, जिससे वह बेसुध हो गई।
इसके बाद आरोपी पीड़िता को उसकी इच्छा के विरुद्ध विभिन्न स्थानों—नवलगढ़, जयपुर, गोवा और जगदलपुर—ले गया। पीड़िता के बयान के अनुसार, इन स्थानों पर उसे बंधक बनाकर रखा गया और बार-बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आरोपी लगातार उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा।
अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए सख्त सजा सुनाई। न्यायालय ने कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और इनके प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि कानून से बचना संभव नहीं है।