मुंबई : चेंबूर–जेकब सर्कल मोनोरेल मार्ग लंबे समय से बंद है, लेकिन इसे फिर से शुरू करने की दिशा में मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने कदम तेज कर दिए हैं। मोनोरेल की सुरक्षा जांच के लिए मेट्रो रेलवे सुरक्षा (सीएमआरएस) के एक सेवानिवृत्त आयुक्त की नियुक्ति की गई है। उनके नेतृत्व में टीम अगले सप्ताह से सुरक्षा परीक्षण शुरू करेगी। इन परीक्षणों के पूरा होने और सुरक्षा प्रमाणपत्र मिलने के बाद मई के अंत तक मोनोरेल सेवा दोबारा शुरू करने की योजना है।
सितंबर 2025 से बंद है सेवा
देश की एकमात्र चेंबूर–जेकब सर्कल मोनोरेल लाइन लंबे समय से घाटे में चल रही है और इसे अपेक्षित यात्री संख्या नहीं मिल पाई। इसके बावजूद कुछ यात्रियों के लिए यह सेवा उपयोगी रही है। सितंबर 2025 से यह सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद है, जिससे नियमित यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
पिछले वर्ष इस परियोजना में लगातार हादसे भी सामने आए थे। अगस्त 2025 में एक गंभीर दुर्घटना हुई, जब एक ही दिन में दो मोनोरेल ट्रेनें झुक गईं और यात्री काफी समय तक फंसे रहे। उन्हें बाहर निकालने के लिए दरवाजे तोड़ने पड़े। इस घटना के बाद एमएमआरडीए की कड़ी आलोचना हुई और मोनोरेल की सुरक्षा पर सवाल उठे। इसके बाद भी एक और दुर्घटना हुई, जिसके चलते महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने सितंबर 2025 में सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की। इसके बाद पूरे मार्ग के आधुनिकीकरण और नई ट्रेनों को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
आठ महीने बाद फिर पटरी पर लौटेगी सेवा
सेवा बंद होने के बाद मोनोरेल मार्ग के आधुनिकीकरण का काम शुरू किया गया, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद एमएमआरडीए ने मेट्रो की तर्ज पर मोनोरेल की भी व्यापक सुरक्षा जांच कराने का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह से सीएमआरएस के नेतृत्व में परीक्षण शुरू होंगे। ये परीक्षण मोनोरेल संचालन की अंतिम प्रक्रिया माने जाते हैं। परीक्षण सफल रहने और सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद मई के अंत तक मोनोरेल के दोबारा शुरू होने की पूरी संभावना है।
मेट्रो से कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी
मोनोरेल सेवा को अधिक उपयोगी बनाने के लिए इसे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी बनाई जा रही है। वीपीएन और आरसी मार्ग जंक्शन मोनोरेल स्टेशन को मेट्रो लाइन 2बी (अंधेरी पश्चिम–मंडाले, मानखुर्द) के चेंबूर मेट्रो स्टेशन से पैदल पुल के जरिए जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा चेंबूर मेट्रो स्टेशन भी जल्द ही शुरू होने वाला है, जिससे यात्रियों को मेट्रो और मोनोरेल के बीच आसानी से आवागमन का विकल्प मिलेगा। एमएमआरडीए को उम्मीद है कि बेहतर कनेक्टिविटी के बाद मोनोरेल में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और यह सेवा अधिक प्रभावी साबित होगी।