लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, 10 मई को राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है, जिसमें छह नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। इस संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इस बीच शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे आगामी विस्तार की तैयारियों से जोड़कर देख रहे हैं। इस मुलाकात ने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को और बल दे दिया है।
वर्तमान में राज्य मंत्रिमंडल में कुल 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 60 तक हो सकती है। यानी छह पद अभी रिक्त हैं, जिन्हें इस विस्तार के दौरान भरा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है, उनमें कृष्णा पासवान, पूजा पाल, मनोज पांडेय, भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया और रोमी साहनी के नाम प्रमुख हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही स्पष्ट होगा।
गौरतलब है कि अप्रैल महीने में भी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोर पकड़ चुकी थीं, लेकिन उस समय यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने से संकेत मिल रहे हैं कि सरकार संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
जानकारों का मानना है कि इस विस्तार के साथ ही संगठन में भी व्यापक फेरबदल देखने को मिल सकता है। कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि नए चेहरों को अवसर दिया जा सके और सामाजिक व क्षेत्रीय समीकरणों को साधा जा सके।
हाल ही में पश्चिम बंगाल में मिली सफलता के बाद पार्टी नेतृत्व का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। ऐसे में एक साथ कई महत्वपूर्ण और कड़े फैसले लिए जाने की तैयारी भी दिखाई दे रही है। सूत्रों का कहना है कि संगठन में भी बदलाव कर कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं या उन्हें विश्राम दिया जा सकता है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार न केवल सत्ता के समीकरण बदल सकता है, बल्कि आने वाले राजनीतिक परिदृश्य की दिशा भी तय कर सकता है। अब सभी की निगाहें 10 मई पर टिकी हैं, जब इस बहुप्रतीक्षित विस्तार पर अंतिम मुहर लग सकती है।