
वाराणसी। लोहता थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय अचानक सनसनी का विषय बन गया, जब जयमाल के ठीक पहले दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। खुशियों के बीच सजा मंडप पल भर में सन्नाटे में बदल गया और दूल्हा बारात लेकर बिना दुल्हन के लौटने को मजबूर हो गया।
जानकारी के अनुसार, समारोह की सभी तैयारियां पूरे उत्साह के साथ चल रही थीं। बारात का भव्य स्वागत हुआ, ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाच-गाना हुआ और जयमाल के लिए मंच भी सजा दिया गया था। माहौल पूरी तरह उत्सवमय था। इसी बीच जैसे ही दुल्हन वरमाला लेकर मंच पर पहुंची, अचानक एक युवक वहां आ गया, जिसे देखकर दुल्हन का व्यवहार बदल गया।
बताया जा रहा है कि वह युवक दुल्हन का प्रेमी था। उसे सामने देखते ही दुल्हन ने दूल्हे के गले में वरमाला डालने से साफ इनकार कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से दूल्हा, उसके परिजन और वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और गुस्साए लोगों ने प्रेमी के साथ मारपीट भी कर दी।
स्थिति को संभालने के लिए तत्काल पंचायत बुलाई गई, लेकिन घंटों चली बातचीत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल सका। मामला बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई और दोनों पक्षों को कोटवां पुलिस चौकी बुलाया गया। वहां भी समझौते की कोशिशें विफल रहीं, जिसके बाद दूल्हे को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा।
बाद में सामने आया कि युवती का चोलापुर थाना क्षेत्र के भटौली गांव के एक युवक के साथ पहले से प्रेम संबंध था। परिवार की सहमति से उसकी शादी किसी अन्य युवक से तय कर दी गई थी। हालांकि, शादी के दौरान प्रेमी को सामने देखकर वह अपने निर्णय पर अडिग हो गई और विवाह से पीछे हट गई।
घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच फिर से बातचीत हुई। अंतत: सहमति बनने पर प्रेमी और युवती का मंदिर में विवाह करा दिया गया। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवन साथ बिताने का संकल्प लिया और परिवारों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह घटना न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बदलते समय में व्यक्तिगत निर्णय और भावनाएं पारंपरिक व्यवस्थाओं को चुनौती दे रही हैं।