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बीएमसी की सख्ती: अस्पताल होंगे चमकदार, सड़कें समय पर पूरी और मानसून से पहले बंद होंगे सभी खुले मैनहोल

by trilokvivechana
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आयुक्त अश्विनी भिडे ने स्वास्थ्य, सड़क और स्वच्छता व्यवस्था पर कसा शिकंजा, अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

मुंबई को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अब प्रशासनिक स्तर पर सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। बीएमसी आयुक्त Ashwini Bhide ने शनिवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों की स्वच्छता, सड़क विकास कार्यों, मानसून पूर्व तैयारियों और कचरा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए।

महानगरपालिका मुख्यालय में हुई इस मासिक समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आयुक्तों, सह आयुक्तों, विभाग प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयुक्त ने साफ कहा कि मुंबईकरों को केवल सेवाएं नहीं, बल्कि सुरक्षित, स्वच्छ और भरोसेमंद सार्वजनिक व्यवस्था मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध और जवाबदेह तरीके से काम करने के निर्देश दिए।

अस्पताल परिसर होंगे स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक

बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि महानगरपालिका के सभी अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान नागरिकों के लिए भरोसे का केंद्र हैं। ऐसे में वहां केवल चिकित्सा सुविधाएं ही नहीं, बल्कि स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित वातावरण भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने सभी वॉर्डों के सहायक आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण करें। अस्पताल परिसरों को अतिक्रमणमुक्त रखने, रंगरोगन, मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की नियमित समीक्षा करने पर विशेष जोर दिया गया।

आयुक्त ने कहा कि मुंबई में बीएमसी की 500 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाएं कार्यरत हैं, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ‘हिंदुहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना’, पॉलीक्लिनिक, प्रसूतिगृह, विशेष अस्पताल और मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। हर वर्ष करीब दो करोड़ नागरिक इन सेवाओं का लाभ लेते हैं।

उन्होंने अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों और हाउसकीपिंग कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छतागृहों की नियमित सफाई और निर्जंतुकीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। दिशादर्शक फलक अधिक स्पष्ट और आकर्षक बनाने तथा अस्पताल परिसरों के सुशोभीकरण के निर्देश भी दिए गए।

बीएमसी अस्पतालों में वर्तमान में 14 हजार 653 बेड उपलब्ध हैं। नए अस्पतालों के शुरू होने के बाद इसमें 4 हजार 556 अतिरिक्त बेड जुड़ेंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था में फिलहाल लगभग 21 हजार 299 स्थायी कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं।

सड़क परियोजनाओं को लेकर सख्त निर्देश

मुंबई में चल रहे सड़क विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने सभी सड़क परियोजनाओं को 31 मई 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य आधे-अधूरे तरीके से नहीं, बल्कि एक छोर से दूसरे छोर तक गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

जहां मौजूदा मौसम में कंक्रीट सड़क बनाना संभव नहीं है, वहां उच्च गुणवत्ता वाली मास्टिक सड़कें बनाने को कहा गया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्कूलों और अस्पतालों के आसपास स्पीड ब्रेकर दोबारा स्थापित करने, थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग और रंबलर स्ट्रिप्स जैसे आधुनिक सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मानसून से पहले खुले मैनहोल पर पूरी रोक

मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा के दौरान आयुक्त अश्विनी भिडे ने सबसे ज्यादा चिंता खुले मैनहोल को लेकर जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में एक भी मैनहोल खुला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने सभी मैनहोल पर सुरक्षा जालियां लगाना अनिवार्य बताते हुए कहा कि बारिश के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

इसके अलावा मुंबई के जलभराव प्रभावित स्थायी ‘क्रॉनिक स्पॉट्स’ पर दीर्घकालिक समाधान तैयार करने और समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

कचरा प्रबंधन में भी सख्ती

घनकचरा प्रबंधन विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाली संस्थाओं के लिए पंजीकरण को अनिवार्य बताते हुए सख्ती के संकेत दिए।

बीएमसी के अनुसार वर्तमान में 17 हजार 624 संस्थाएं और व्यक्ति पंजीकृत हैं, जिनमें हाउसिंग सोसायटी, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, बाजार, आईटी कंपनियां, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल शामिल हैं।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिन संस्थाओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तत्काल पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए। जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए।

साथ ही गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, गीले कचरे का स्थल पर ही निस्तारण और पुनर्चक्रण योग्य कचरे को अधिकृत विक्रेताओं को सौंपना अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।

“सुव्यवस्थित मुंबई” पर प्रशासन का फोकस

बीएमसी प्रशासन की इस व्यापक समीक्षा बैठक को मुंबई में नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अस्पतालों की साफ-सफाई से लेकर सड़कों की गुणवत्ता, मानसून सुरक्षा और कचरा प्रबंधन तक हर विभाग को जवाबदेही के साथ काम करने का संदेश दिया गया है।

नगर प्रशासन का मानना है कि यदि तय समयसीमा के भीतर इन निर्देशों का प्रभावी पालन हुआ, तो मुंबईकरों को आने वाले मानसून और भविष्य की शहरी चुनौतियों से काफी राहत मिल सकती है।

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