
मुंबई: अंधेरी वेस्ट की ‘गौरव लीजेंड’ बिल्डिंग आज चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन किसी शानदार अपार्टमेंट के तौर पर नहीं, बल्कि एक अधूरे सपने की तरह। पिछले 18 वर्षों से अपने घर का इंतज़ार कर रहे 250 परिवारों ने अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सीधी मदद की गुहार लगाई है।
18 साल का लंबा इंतज़ार, कई ने खो दी उम्मीद
यह कोई साधारण देरी का मामला नहीं है। यह उन परिवारों की दास्तान है, जिन्होंने अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई (करीब 71 करोड़ रुपए) इस प्रोजेक्ट में लगा दी। एसआरए (SRA) के तहत बन रही इस बिल्डिंग को देखते-देखते कई निवेशक अब वरिष्ठ नागरिक हो चुके हैं, और दुखद यह है कि कई लोग अपना घर देखने का इंतज़ार करते हुए ही दुनिया से विदा हो गए।
‘खंडहर’ कहलाने का दर्द
स्थानीय लोग इस अधूरी इमारत को ‘खंडहर’ कहकर पुकारते हैं। एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि जब वे यह शब्द सुनते हैं, तो उनका दिल बैठ जाता है। जिस बिल्डिंग के लिए उन्होंने करोड़ों रुपए दिए, आज वही इमारत इलाके में एक बदहाल ढांचे के रूप में पहचानी जाती है।
क्या है पूरा मामला?
बिल्डर की धोखाधड़ी: रवि ग्रुप के मालिक जयेश शाह पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप हैं, जिसके चलते जून 2022 में उन्हें मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने गिरफ्तार किया था। वे अभी जमानत पर बाहर हैं।
वादे और हकीकत: रवि ग्रुप ने 2016 तक फ्लैट देने का वादा किया था, लेकिन आज 2026 में भी स्थिति जस की तस है।
मुश्किलें: रेजिडेंट्स का आरोप है कि बिल्डर ने खुद ही इस प्रोजेक्ट के रास्ते में कई तरह की अड़चनें पैदा कर रखी हैं, जिससे इसके पूरा होने की उम्मीद अब बेहद कम नज़र आती है।
रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन: इस प्रोजेक्ट का रेरा नंबर P51800010967 है।
प्रभावित परिवार: कुल मिलाकर लगभग 500 लोग इस धोखे का शिकार हुए हैं।
एसोसिएशन की अपील: “मुख्यमंत्री ही बचा सकते हैं”
रविवार को ‘गौरव लीजेंड ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें श्री पी.के. बारिक (सेक्रेटरी), श्री सुदर्शन नायर (पूर्व सेक्रेटरी), श्री अली ज़हीर नकवी और श्री राजन कपूर (मैनेजिंग कमेटी मेंबर) ने अपनी पीड़ा साझा की।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है:
“अगर हमारी आवाज़ प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुँच जाए, तो हमें यकीन है कि वे हमारी परेशानी का हल निकाल सकते हैं। हम सिर्फ अपना घर चाहते हैं।”