
प्रयागराज। गंगानगर के फूलपुर क्षेत्र स्थित बौड़ई कटौता गांव में मंगलवार देर रात एक हृदयविदारक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जहां कुछ ही देर पहले शहनाइयों की गूंज और उत्सव का माहौल था, वहीं पलक झपकते ही चीख-पुकार और अफरातफरी छा गई। तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और कई लोगों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया।
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी शुकरू चौहान की दो बेटियों का विवाह कानपुर देहात के उस्मानपुर जमराही निवासी पप्पू के बेटों राहुल और दीपक के साथ तय था। मंगलवार रात बारात धूमधाम से गांव पहुंची थी। स्वागत-सत्कार और नाश्ते के बाद द्वारचार की रस्म चल रही थी। चारों ओर खुशियों का माहौल था और बाराती सड़क किनारे खड़े होकर समारोह का आनंद ले रहे थे।
इसी दौरान रात करीब दो बजे प्रतापपुर-फूलपुर मार्ग पर प्रतापपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो अचानक अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते वाहन विवाह स्थल के पास खड़े डीजे से जा टकराई और फिर बेकाबू होकर बारातियों को कुचलते हुए आगे बढ़ गई। कुछ ही सेकंड में उत्सव का माहौल दर्दनाक त्रासदी में बदल गया।
इस हादसे में बौड़ई कटौता निवासी 32 वर्षीय रमेश, पुत्र हरिहर, की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद चालक ने भागने की कोशिश में वाहन को आगे-पीछे दौड़ाया, जिससे और लोग उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह वाहन समेत मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और बारातियों ने सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की, जिससे लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद हालात को नियंत्रित कर यातायात बहाल कराया।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी लगातार लोगों की जान ले रही है। जरूरत है कि प्रशासन सख्ती के साथ ट्रैफिक नियमों को लागू करे, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।