
मुंबई से सटे मीरा-भायंदर इलाके में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच यूनिट-4 ने करोड़ों रुपये के एमडी ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो गुप्त ठिकानों पर मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स तैयार कर मुंबई महानगर क्षेत्र में उसकी सप्लाई कर रहा था।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, डीसीपी संदीप दोईफोड तथा क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख के नेतृत्व में अंजाम दी गई। पुलिस ने मालाड के मालवणी क्षेत्र में दो अलग-अलग ठिकानों और मनोर-गोराई इलाके के एक फार्महाउस पर एक साथ छापेमारी कर भारी मात्रा में रसायन, मशीनें और ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 13.65 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, बरामद रसायनों से लगभग 50 किलो एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह लंबे समय से गुप्त रूप से सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पादन कर बड़े नेटवर्क के जरिए उसकी तस्करी कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में फिरदोस अरबाज कुरैशी, अरबाज वकील कुरैशी, मोइज जावेद खान, अरमान अली रैन, सुनील कमल यादव, मोहम्मद वसीम शेख, इरफान कुड़िया, मोहम्मद अराफात अंसारी, खालदा अंसारी, आकाश यादव, अजीज खान और अकबर खान शामिल हैं। एक अन्य आरोपी की पहचान जांच हित में गोपनीय रखी गई है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, सबसे पहले मालवणी के आजमी नगर पार्किंग लॉट स्थित एक दुकान और मैरिज हॉल के गोदाम पर छापा मारा गया। यहां से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस मनोर-गोराई स्थित फार्महाउस तक पहुंची, जहां कथित तौर पर एमडी ड्रग्स तैयार करने का पूरा सेटअप संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 255 लीटर संदिग्ध रसायन बरामद किए गए।
पुलिस ने मैरिज हॉल से जुड़े एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जबकि हॉल मालिक वसीम को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। जांच में सामने आया है कि मनोर-गोराई स्थित फार्महाउस भी उसी के नाम पर दर्ज है।
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा पहली बार 4 अप्रैल को हुआ था, जब नयानगर पुलिस ने मीरा रोड स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर दंपती फिरदोस और अरबाज कुरैशी के पास से 1.324 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की थी। इसकी कीमत करीब 2.66 करोड़ रुपये बताई गई थी। बाद में मामले की जांच क्राइम डिटेक्शन ब्रांच यूनिट-4 को सौंपी गई। जांच आगे बढ़ने पर मुंबई और आसपास सक्रिय एक बड़े ड्रग सिंडिकेट की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने 4 अप्रैल से 7 मई के बीच कुल 6.773 किलो एमडी ड्रग्स जब्त कर 10 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया था।