Home राजनीतिराज्यमहाराष्ट्रसंजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में दर्दनाक हादसा: डेढ़ साल की बच्ची की बुलेट सवार से टक्कर के बाद मौत

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में दर्दनाक हादसा: डेढ़ साल की बच्ची की बुलेट सवार से टक्कर के बाद मौत

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मुंबई: बोरीवली के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में दिवाली की छुट्टी मनाने पहुंचे एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। बुधवार, 22 अक्टूबर को पार्क के अंदर एक लापरवाह बुलेट सवार ने डेढ़ साल की मासूम बच्ची को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक बच्ची की पहचान मानसी यादव के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता के साथ उद्यान घूमने आई थी। यह दर्दनाक घटना दोपहर के समय हुई जब परिवार पार्क के अंदर स्थित बांध के रास्ते के पास बैठा हुआ था और मानसी अपने माता-पिता के पास खेल रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तभी तेज रफ्तार से आती एक बुलेट मोटरसाइकिल ने अचानक मानसी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची कई फीट दूर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद बाइक सवार बिना रुके और मदद किए मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बच्ची को उठाकर पास के अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। घायल मानसी को तत्काल बोरीवली स्थित शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, परिवार बांध की ओर जाने वाले मार्ग के पास पेड़ों की छांव में बैठा हुआ था। यह सड़क पर्यटकों और वाहन चालकों दोनों के लिए खुली रहती है। बच्ची अपने माता-पिता से कुछ दूरी पर खेल रही थी, तभी यह हादसा हुआ। इस हिट-एंड-रन घटना से पूरे पार्क में अफरा-तफरी मच गई। लोग आरोपी बाइक सवार को पकड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह तब तक वहां से निकल चुका था।

कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। बच्ची के पिता ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पार्क के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान विनोद कावले (37) के रूप में हुई। उसे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी के पास पार्क में प्रवेश का वैध परमिट था या नहीं, क्योंकि राष्ट्रीय उद्यान के भीतर निजी वाहनों की गति और प्रवेश पर सख्त नियम लागू हैं।

स्थानीय लोगों और पार्क में मौजूद पर्यटकों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय उद्यान जैसे शांत और परिवारिक स्थल में वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण और निगरानी और सख्त की जानी चाहिए। कुछ पर्यटकों ने यह भी बताया कि पार्क के अंदर कई बार दोपहिया वाहनों को तेज गति से चलते देखा जाता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।

इस घटना के बाद पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि पार्क में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच बढ़ाई जाएगी और गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पार्क के भीतर मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त संकेतक बोर्ड और चेतावनी चिन्ह लगाए जाने की योजना बनाई जा रही है।

मानसी की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। दिवाली के दिन एक परिवार की खुशियां ऐसे मातम में बदल जाएंगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही, घटना के चश्मदीदों से पूछताछ जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हादसे से जुड़ी हर जानकारी सामने आए।

राष्ट्रीय उद्यान प्राधिकरण ने भी जनता से अपील की है कि वे पार्क में सावधानीपूर्वक चलें, नियमों का पालन करें और बच्चों को खुले रास्तों के करीब खेलने न दें। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि लापरवाही के कुछ क्षण किसी मासूम की जान ले सकते हैं और परिवार को जीवनभर का दर्द दे सकते हैं।

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