Home ताजा खबरमातोश्री में सपकाल-उद्धव मुलाकात, महाविकास आघाड़ी की रणनीति पर मंथन

मातोश्री में सपकाल-उद्धव मुलाकात, महाविकास आघाड़ी की रणनीति पर मंथन

by trilokvivechana
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मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल के बीच महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर समन्वय को मजबूत करने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शिवसेना प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से उनके निवास ‘मातोश्री’ पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सपकाल ने कहा कि यह बैठक महाविकास आघाड़ी के घटक दलों—कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस—के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विधान परिषद चुनाव को लेकर इस बैठक में कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई।

सपकाल ने चुनावी रणनीति पर अपनी राय रखते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव कांग्रेस को लड़ना चाहिए, जबकि एमवीए का प्रमुख चेहरा होने के नाते उद्धव ठाकरे को विधान परिषद का चुनाव लड़ना चाहिए। उनके इस बयान को आगामी चुनावी समीकरणों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

इस दौरान सपकाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के समर्थन से जुड़े बयानों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गांधी की हत्या का समर्थन करना भारतीय संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। एक जैन मुनि के बयान की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि अहिंसा जैन धर्म का मूल सिद्धांत है और इस प्रकार की टिप्पणियां उसी के विपरीत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी हत्या मामले में सभी कानूनी दस्तावेज, जिनमें कपूर आयोग की रिपोर्ट और अदालत के फैसले शामिल हैं, स्पष्ट रूप से उपलब्ध हैं।

वरली में भाजपा द्वारा निकाले गए मोर्चे को लेकर भी सपकाल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल आयोजकों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस आयोजन में शामिल मंत्रियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि इस कारण शहर में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्होंने पत्रकारों को कथित धमकियों की भी निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा एक पुस्तक के प्रकाशक को दी गई धमकी पर भी सपकाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “पानसरे जैसा हाल करेंगे” जैसी भाषा सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रकाशक को तत्काल सुरक्षा देने की मांग की।

सपकाल ने आगे कहा कि वरिष्ठ वामपंथी नेता गोविंद पानसरे की हत्या के मामले में संजय गायकवाड़ की संभावित भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में सख्त और त्वरित कार्रवाई करने की मांग की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात और उसके बाद दिए गए बयान आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकते हैं।

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