
पटना। बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार गुरुवार को अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार की ओर बढ़ रही है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में करीब 30 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी प्रस्तावित है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के बीच मंत्रियों का 16-16 का संतुलन तय किया गया है। हालांकि भविष्य की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए कुछ पद फिलहाल खाली छोड़े जा सकते हैं। ऐसे में दोनों दलों से मिलाकर 24 से 26 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना अधिक मानी जा रही है।
जदयू खेमे में इस बार अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मौका देने की तैयारी है। इसी बीच निशांत कुमार को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज है। उन्होंने हाल ही में पार्टी में औपचारिक रूप से सक्रिय भूमिका शुरू की है, हालांकि अब तक किसी पद की इच्छा सार्वजनिक नहीं की है। पहले उन्हें मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री पद से जोड़ा गया था, लेकिन अब कैबिनेट विस्तार के साथ उनके मंत्री बनने की अटकलें फिर जोर पकड़ रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं।
एनडीए के सहयोगी दलों को भी विस्तार में प्रतिनिधित्व मिलेगा। लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को पहले की तरह 2-1-1 के फार्मूले के तहत कुल चार मंत्री पद मिलने की संभावना है। इनमें संतोष सुमन, संजय पासवान, संजय सिंह और दीपक प्रकाश कुशवाहा के नाम दोबारा शामिल होने की चर्चा है।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। गांधी मैदान को चार जोन में विभाजित किया गया है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। करीब 3000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर दो मंच तैयार किए गए हैं—एक पर शीर्ष नेतृत्व और दूसरे पर क्षेत्रीय नेताओं को स्थान दिया जाएगा।
हालांकि, बुधवार को हुई बेमौसम बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मैदान में कई स्थानों पर जलभराव हो गया, जबकि तेज हवाओं ने पंडाल की व्यवस्था को भी प्रभावित किया। इसके बावजूद प्रशासन ने तेजी से सुधार कार्य शुरू कर दिए हैं और वाटरप्रूफ पंडाल सहित अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
इस हाई प्रोफाइल आयोजन को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता चरम पर है। भाजपा के संभावित मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देने से पहले शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी ली जाएगी, जबकि जदयू की सूची को नीतीश कुमार की सहमति मिल चुकी है। अब सबकी नजरें गुरुवार के इस अहम राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं, जो बिहार की सियासत की नई दिशा तय कर सकता है।