
मुंबई, 5 मई। देश के अग्रणी कैंसर उपचार और अनुसंधान संस्थान टाटा मेमोरियल अस्पताल में अब निदान सेवाएं और अधिक तेज, सटीक और भरोसेमंद बनने जा रही हैं। अस्पताल में अत्याधुनिक स्वचालित ट्यूब लेबलिंग और बारकोडिंग प्रणाली (एपीटीएल) की स्थापना पूरी कर ली गई है, जिससे जांच प्रक्रिया में तकनीकी क्रांति आने की उम्मीद है। इस पहल को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा और दूरगामी कदम बताया है।
यह परियोजना कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत पूरी की गई है, जिसके अंतर्गत तीन उन्नत एपीटीएल इकाइयों को अस्पताल की प्रयोगशालाओं में स्थापित किया गया है। इस नई तकनीक के लागू होने से मरीजों के नमूनों की पहचान और लेबलिंग पूरी तरह स्वचालित हो जाएगी, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अब तक नमूनों की मैनुअल लेबलिंग में होने वाली छोटी-छोटी गलतियां भी जांच रिपोर्ट को प्रभावित कर सकती थीं, लेकिन एपीटीएल प्रणाली इन जोखिमों को काफी हद तक खत्म कर देगी। इससे न केवल रिपोर्ट की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि जांच की गति भी तेज होगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कैंसर जैसे गंभीर रोगों में समय पर और सही निदान जीवनरक्षक साबित होता है। एपीटीएल प्रणाली के जरिए नमूनों के प्रबंधन में होने वाली देरी, गड़बड़ी और गलत पहचान जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण होगा। इसके परिणामस्वरूप डॉक्टरों को अधिक विश्वसनीय रिपोर्ट मिलेंगी और उपचार प्रक्रिया में तेजी आएगी।
इस परियोजना में इंडियन ऑयल कंपनी का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा है। मुख्यमंत्री ने इस योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएसआर के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसी तकनीकी पहलें सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एपीटीएल प्रणाली प्रयोगशाला संचालन को आधुनिक बनाने के साथ-साथ कार्यक्षमता और पारदर्शिता को भी बढ़ाएगी। इससे अस्पताल की सेवाएं अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होंगी, जो मरीजों के विश्वास को और मजबूत करेंगी।
मुंबई स्थित इस प्रमुख संस्थान में नई तकनीक का यह समावेश महाराष्ट्र के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। यह पहल न केवल चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देगी, बल्कि देश के अन्य अस्पतालों के लिए भी एक मॉडल के रूप में सामने आ सकती है।