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मुंबई। घाटकोपर पश्चिम के के.वी.के. स्कूल में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब मिड-मॉर्निंग रिसेस में कैंटीन के समोसे खाने के कुछ ही मिनट बाद सात छात्रों को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई। प्रिंसिपल ने जब खुद समोसा चखा तो उसमें कपूर जैसी तेज गंध महसूस हुई।
घाटकोपर पुलिस ने स्कूल कैंटीन संचालक सुंदर गोपाल देवड़ीगा (63) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 (किसी व्यक्ति की जान को खतरे में डालने वाला कार्य) और 275 (दूषित भोजन बेचना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
6 नवंबर को सुबह 9:45 से 10:15 बजे के बीच देवड़ीगा ने कैंटीन में समोसे बनाकर छात्रों को बेचे थे। शिकायत करने वाले बच्चों में आर्या तोठारे (14), विवेक निर्मल (12), मुस्तफा अंसारी (10), राजिक खान (11), आरुष सिंह गुप्ता (11), अफजल शेख (11) और आलिशा (12) शामिल हैं। सभी को तुरंत राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
बीट मार्शल हेड कांस्टेबल दिनेश जयसिंग शिंगोटे को स्थानीय लोगों से सूचना मिली थी। उन्होंने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अलर्ट किया और स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल रीमा डिसूजा से प्रारंभिक जानकारी ली।
सूचना मिलते ही बीएमसी की टीम भी मौके पर पहुंची। सैनिटरी इंस्पेक्टर विलास पांडुरंग रत्नाकर ने कढ़ाई से तेल के नमूने लिए जबकि विक्रोली फायर स्टेशन के अधिकारी संदीप जाधव ने चार गैस सिलेंडर और चूल्हा जब्त कर लिया। डॉ. रवींद्र हांगे ने भी कैंटीन का निरीक्षण किया।
पुलिस ने बताया कि तेल के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। प्रिंसिपल ने बताया कि कैंटीन संचालक लंबे समय से स्कूल में काम कर रहा था, लेकिन अब उसका कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने पर विचार किया जा रहा है।
स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को मैसेज भेजकर घटना की जानकारी दी और आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं होगी।
